लखनऊ, जेएनएन। सपा सांसद आजम खां के गढ़ रामपुर पर भाजपा की निगाहें टिक गई हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद आजम खां से भाजपा को पराजय मिली थी, अब दोनों बार की हार को जीत में बदलने के लिए भाजपा पूरी ताकत से जुट गई है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल अलग-अलग दौरों में रामपुर में बूथों तक किलेबंदी कर चुके हैं। अब फिर से नेताओं के दौरे शुरू हो रहे हैं। स्वतंत्र देव सिंह गुरुवार को रामपुर जा रहे हैं। वह पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार-प्रसार करने के साथ ही पदाधिकारियों की बैठकों में शामिल होंगे। वह सेक्टर संयोजक, सेक्टर प्रभारी, सेक्टर प्रवासी, सभी मोर्चों के प्रमुखों, मोर्चा अध्यक्षों व मंडल की टीम में शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक होटल में अलग बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 18 अक्टूबर को रामपुर में जनसभा लगी है। योगी की जनसभा को भव्य रूप देने के लिए संगठन तैयारी कर रहा है। योगी इस सभा के जरिये उम्मीदवार का माहौल बनाएंगे।

गौरतलब है कि रामपुर में जमीनों पर कब्जे के मामले में आजम खान पर अनगिनत मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। समाजवादी पार्टी जहां इसे सरकार का दमनात्मक रवैया बताकर विरोध में है वहीं भाजपा नेताओं ने भी इसे अपना हथियार बना लिया है। आजम खान के खिलाफ मुस्लिम समाज के बीच भी लोगों को मुखर किया जा रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब आजम को उनके गढ़ में घेरने के लिए भाजपा चौतरफा बिसात बिछा चुकी है।

यूपी में तीन दिन में 11 चुनावी जनसभाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। योगी तीन दिन में 11 चुनावी जनसभा संबोधित करेंगे। वह 15 अक्टूबर को कानपुर के गोविंदनगर, चित्रकूट के मानिकपुर, लखनऊ कैंट और प्रतापगढ़ जबकि 16 अक्टूबर को बाराबंकी की जैदपुर, आंबेडकरनगर के जलालपुर, बहराइच की बलहा और मऊ के घोसी और 18 अक्टूबर को सहारनपुर के गंगोह, रामपुर और अलीगढ़ के इगलास की सभा को संबोधित करेंगे।

Posted By: Umesh Tiwari

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