लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों के मुद्दे पर लिखे गए पत्र पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि प्रियंका वाड्रा जैसे नेता पर इस तरह के तथ्यहीन और झूठे बयान शोभा नहीं देते हैं। एक जिम्मेदार नेता होने के नाते प्रियंका को ऐसा पत्र लिखने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए थी और गेहूं खरीद के लिए सरकार के प्रयासों को देख-समझ लेना चाहिए था।

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियंका वाड्रा से योगी सरकार की तारीफ की अपेक्षा तो नहीं की जा सकती है, लेकिन कम से कम वह सरकार के इंतजाम का उल्लेख कर सकती थीं। शाही ने दावा किया कि कोरोना काल की विषम परिस्थितियों के बावजूद इस वर्ष गेहूं खरीद में रिकार्ड बना है। वर्तमान रबी सीजन में अब तक 12.84 लाख से ज्यादा किसानों से लगभग 56 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। 90 फीसद किसानों को भुगतान भी हो चुका है।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि इन आंकड़ों की तुलना में अगर पिछली सरकार पर नजर डालें तो पता चलेगा कि 2012 से 2017 के बीच 222 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य था, लेकिन 94.38 लाख मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा गया, जो लक्ष्य का मात्र 42 फीसद था। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह कर रहीं प्रियंका जैसे नेताओं को पता होना चाहिए कि ड्राइंग रूम में बैठकर राजनीति नहीं होती है।

दरअसल, किसानों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास कांग्रेस लगातार कर रही है। कृषि कानून विरोधी आंदोलन को खूब हवा देने की कोशिश के बाद पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने गेहूं खरीद का मुद्दा उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि कई जिलों में क्रय केंद्र बंद होने से किसान परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि किसानों का गेहूं 15 जुलाई तक खरीदने की गारंटी तय की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में प्रियंका वाड्रा ने लिखा है कि प्रदेश के तमाम जिलों से लगातार सूचनाएं आ रहीं हैं कि गेहूं की खरीद में किसानों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई, लेकिन कोरोना महामारी के चलते क्रय केंद्रों पर ताला लटकता रहा। जैसे ही किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर पहुंचने लगा, उसी समय खरीद को कम करके आधा कर दिया गया। उन्होंने लिखा कि पंजाब और हरियाणा जैसे प्रदेशों में गेहूं की सरकारी खरीद कुल उत्पादन का 80-85 फीसद तक होती है, जबकि उत्तर प्रदेश में 378 लाख मीट्रिक टन उत्पादित गेहूं का मात्र 14 फीसद खरीदा गया है।

Edited By: Umesh Tiwari