लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग के बाद अब कृषि विभाग की कृषि यंत्र बुकिंग का पोर्टल हैक हो गया। जालसाजों ने कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने के लिए तय समय से पहले ही वेबसाइट पर आवेदन कर दिया था। कृषि विभाग ने बुधवार को हुई कृषि यंत्रों की बुकिंग निरस्त कर दी है। साथ ही कई मंडलों में होने वाली आवेदन प्रक्रिया भी स्थगित की गई है। मामले की जांच साइबर क्राइम सेल करेगी।

कृषि विभाग इन दिनों कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत किसानों को अनुदान पर यंत्र मुहैया कराने के लिए बुकिंग करा रहा है। प्रदेश भर में करीब पांच हजार यंत्र अनुदान पर दिए जाने हैं। अयोध्या व गोरखपुर मंडल के किसान बुधवार को जब यंत्रों की बुकिंग कर रहे थे तो उन्हें विभागीय पोर्टल पर तकनीकी समस्याएं हुईं। इसकी शिकायत उन्होंने कृषि विभाग के अफसरों से की। पड़ताल हुई तो सामने आया कि यंत्रों की बुकिंग बुधवार 11 बजे से होनी थी, जबकि कई आवेदन उसके पहले ही हो चुके थे।

कृषि निदेशक विवेक सिंह ने बताया कि बुधवार को अयोध्या व गोरखपुर मंडल में इन-सीटू योजना को छोड़कर अन्य योजनाओं में की गई कृषि यंत्रों की बुकिंग को निरस्त कर दिया गया है। ज्ञात हो कि इन-सीटू योजना की बुकिंग अपरान्ह दो बजे से शुरू हुई थी। निदेशक की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस मामले की जांच साइबर क्राइम सेल को सौंपी गई है। इन मंडलों में कृषियंत्रों की बुकिंग के लिए अलग से तारीखें तय की जाएंगी और किसानों को विज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जाएगा।

कृषि निदेशक विवेक सिंह ने कहा कि कृषियंत्रों के लिए बुकिंग कर चुके या इससे छूटे सभी किसानों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर तय लक्ष्य की सीमा तक मौका दिया जाएगा। कृषि विभाग का उद्देश्य है कि सभी किसानों को यंत्रों के चयन का लाभ उठाने का समान अवसर मिले, ताकि जिलावार लक्ष्य पूरा होने तक कोई किसान इससे वंचित न रहे। निदेशक ने यह भी कहा कि इस दौरान इन-सीटू योजना में की जा रही यंत्रों की बुकिंग व अन्य कार्य चलते रहेंगे।

सात मंडलों की बुकिंग प्रक्रिया स्थगित : निदेशक ने बताया कि विभागीय पोर्टल का सिस्टम सिक्योरिटी आडिट कराया जाएगा, यह प्रक्रिया पूरा होने तक कानपुर, विंध्याचल, अलीगढ़, लखनऊ, चित्रकूट धाम, मुरादाबाद व मेरठ मंडल के लिए शुरू होने वाली बुकिंग प्रक्रिया स्थगित रहेगी। इन मंडलों में बुकिंग की नई तारीखों को समाचारपत्रों के माध्यम से किसानों को अवगत कराया जाएगा।

क्राइम सेल कर रही छानबीन : एसीपी साइबर क्राइम सेल विवेक रंजन राय का कहना है कि बुधवार को पोर्टल पर सुबह 11 बजे से टोकन बंटना था, जो 10.45 बजे ही बंट गए। यह गड़बड़ी साफ्टवेयर प्रोग्राम या सर्वर के कारण हुई इसकी छानबीन की जा रही है।

अगस्त में ग्राम्य विकास विभाग की साइट हो चुकी है : ग्राम्य विकास विभाग ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 1278 रिक्तियों को भरने के लिए सेवायोजन पोर्टल पर आवेदन मांगा था। उसमें बिना सर्वर चले ही अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी पद के लिए तय संख्या में आवेदन हो गए थे। भर्ती भी पहले आओ-पहले पाओ के तहत पूरी होनी थी। ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने आदेश दिया था कि आवेदन किस कंप्यूटर आइपी से कब-कब अपलोड हुए की जांच की जाए। इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

Edited By: Umesh Tiwari