लखनऊ, जेएनएन। Unnao Zila Panchayat Chunav: उन्नाव के पूर्व विधायक दंबग कुलदीप सिंह सेंगर के करीबी अरुण सिंह को भाजपा ने उन्नाव जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित करने के बाद टिकट वापस ले लिया है। भाजपा ने अब यहां से पूर्व एमएलसी स्वर्गीय अजीत सिंह की पत्नी शकुन सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा ने उन्नाव के माखी दुष्कर्म कांड के आरोप में जेल में बंद पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सिंह सेंगर का टिकट घोषित होने के बाद भी कटा था, अब अरुण सिंह को भी मायूसी झेलनी पड़ रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 26 जून को होना है, जबकि मतदान तीन जुलाई को होगा।

माखी कांड की दुष्कर्म पीड़िता का इंटरनेट पर वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेतृत्व ने बिना समय गंवाए अपने निर्णय में संशोधन कर दिया। भारतीय जनता पार्टी ने उन्नाव जिला पंचायत अध्यक्ष पद का टिकट बदला दिया है। यहां से भाजपा ने घोषित प्रत्याशी औरास द्वितीय से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अरुण सिंह का टिकट वापस ले लिया है। भाजपा ने अब यहां से पूर्व एमएलसी स्वर्गीय अजीत सिंह की पत्नी शकुन सिंह को उम्मीदवार बनाया है। शकुन सिंह को उन्नाव भाजपा जिला अध्यक्ष राजकिशोर रावत ने भाजपा का प्रत्याशी घोषित किया है। शकुन सिंह उन्नाव के वार्ड नम्बर 22 फतेहपुर चौरासी से जिला पंचायत सदस्य हैं। उनको भी भाजपा ने कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को टिकट मिलने के बाद बवाल के बाद प्रत्याशी बनाया था।

भाजपा जिलाध्यक्ष राजकिशोर रावत ने बताया कि प्रदेश और क्षेत्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर अरुण सिंह का टिकट निरस्त कर उनके स्थान पर फतेहपुर चौरासी तृतीय क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित स्व. एमएलसी अजीत सिंह की पत्नी शकुन सिंह को भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी मिर्जापुर में इस प्रकरण पर कहा कि उन्नाव में अगर कुछ ऐसा हुआ है तो पार्टी स्तर पर एक्शन भी होगा। भाजपा में अगर कोई मामला जानकारी में आता है तो फिर उस पर कोई न कोई एक्शन जरूर होता है।

उन्नाव की राजनीति में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के करीबी अरुण सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित करने के बाद माखी दुष्कर्म कांड की पीड़ित ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर भाजपा शीर्ष नेतृत्व से अरुण सिंह का टिकट काटने का अनुरोध किया। उन्नाव के माखी गांव की दुष्कर्म पीड़ित अरुण सिंह को उन्नाव से भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी बनाते ही भड़क गई है। बुधवार रात टिकट की घोषणा होने की सूचना के बाद दुष्कर्म पीड़ित का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हुआ। इसमें दुष्कर्म पीड़ित ने कहा कि भाजपा सरकार मेरे साथ है या मुझको लेकर दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के साथ। भारतीय जनता पार्टी दोषियों को टिकट दे रही। अरुण सिंह मेरे पिता की हत्या में नामजद हैं, जो मेरे खिलाफ है। यह मेरी जान के लिए खतरा बने हैं। पिता की हत्या के अलावा सामूहिक दुष्कर्म में भी अरुण शामिल रहे हैं। उनकी मांग है कि सरकार उनका टिकट वापस ले।

माखी दुष्कर्म कांड के बाद दुष्कर्म पीड़ित के पिता की हत्या और उसके बाद रायबरेली में हुए सड़क हादसे में पीड़ित की मांग और उसके चाचा की तरफ से दर्ज कराई गई एफआइआर में अरुण सिंह को भी नामित किया गया था। दुष्कर्म पीड़ित का आरोप है कि अरुण सिंह को उम्मीदवार बनाने से उसकी जान को खतरा बढ़ गया है। पीड़ित ने फोन पर वार्ता में कहा कि वह भाजपा नेतृत्व को इसके लिए पत्र लिख रही है। माखी दुष्कर्म कांड की पीड़ित ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी करने के साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अरुण सिंह का टिकट वापस लेने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि भाजपा ने उसे मरवाने के लिए अरुण सिंह को टिकट दिया। 

अरुण सिंह फतेहपुर जिले के हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक और प्रदेश सरकार में कृषि राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के दामाद हैं। यहां के नवाबगंज ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह को भाजपा ने उन्नाव में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने औरास द्वितीय से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अरुण सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर कई दिनों से चल रही जोर आजमाइश के बाद बुधवार रात करीब 11 बजे भाजपा ने अरुण सिंह के नाम का ऐलान किया। अरुण सिंह ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजकिशोर रावत ने दावा किया कि चुनाव में भाजपा की ही जीत होगी।

भाजपा उन्नाव अध्यक्ष का अनोखा जवाब

इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष राजकिशोर रावत ने कहा कि मेरे हिसाब से उस मामले में अरुण सिंह की कहीं से कोई भूमिका नहीं रही है। अरुण सिंह को कहीं से भी दोषी नहीं ठहराया गया है, वह जांच में निर्दोष साबित हो चुके हैं। यह विपक्षियों की भाजपा को बदनाम करने की साजिश के तहत किया जा रहा है। ऐसा कुछ भी नहीं है।

 

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Edited By: Dharmendra Pandey