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जेएनएन, लखनऊ। उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता के दुर्घटना में घायल होने के मामले में सीबीआइ की जांच में एक बार फिर उन्नाव पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। सीबीआइ ने सोमवार को 15 पुलिसकर्मियों से पूछताछ की, इनमें सात माखी थाने में तैनात पुलिसकर्मी शामिल थे। साथ ही पीड़िता की पिता की हत्या के गवाह की मौत मामले से जुड़े अभिलेख माखी थाने से लिए, जबकि फतेहपुर में ट्रक मालिक के भाई प्रसपा नेता और चालक के परिवारीजन से पूछताछ की। 

सीबीआइ अधिकारियों ने लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में पीड़िता की सुरक्षा में तैनात रहे पुलिसकर्मियों को उन्नाव पुलिस लाइन से तलब किया। सूत्रों का कहना है कि इन पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है। सीबीआइ की एक टीम पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिये गए ट्रक चालक आशीष व क्लीनर मोहन को रायबरेली लेकर गई और दुर्घटना स्थल पर छानबीन की। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों से उनका सामना भी कराया गया। सीबीआइ के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ भी मौजूद थे। सीबीआइ ने बांदा के मौरंग व्यवसायी सोहराब से भी पूछताछ की है।

नौ आरोपितों की भूमिका की जांच

दुर्घटना के बाद रायबरेली में दर्ज कराई गई एफआइआर में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के साथ नामजद अन्य नौ आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सभी नौ आरोपितों को सीबीआइ ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब किया है। उनकी लोकेशन व बयानों के आधार पर आगे की छानबीन की जाएगी।

अर्जुन पर फिर फोकस

सोमवार को भी पान दुकानदार अर्जुन पर जांच एजेंसी ने खास फोकस रखा। उसे बता दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर एजेंसी उसे दिल्ली भी बुला सकती है।

दो डॉक्टरों ने दी गवाही

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार दुर्घटनाग्रस्त मामले में एक महिला का पोस्टमार्टम रायबरेली में हुआ था। इसके लिए गठित टीम में डॉ.भावेश और डॉ.भूपेंद्र शामिल थे। पोस्टमार्टम करते वक्त वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। इन्हीं दोनों चिकित्सकों को सोमवार को गवाही के लिए सीबीआइ मुख्यालय लखनऊ बुलाया गया। इसके अलावा जांच एजेंसी की एक टीम जिला अस्पताल की इमरजेंसी में घायलों का इलाज करने वाले चिकित्सकों से पूछताछ करने पहुंची, मगर उनके न मिलने पर जांच अधिकारी वापस लौट गए।

सुविधाओं की भी जांच

इसके अलावा सीबीआइ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीतापुर जेल में हासिल सुविधाओं की भी जांच कर रही है। विधायक से पूछताछ में इससे जुड़े भी कई सवाल पूछे गये थे। विधायक से जेल मिलने आने वाले उसके कुछ करीबी भी सीबीआइ के रडार पर हैं।

रात मे फिर रायबरेली जेल पहुंची सीबीआइ

सोमवार देर रात सीबीआइ के अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी रायबरेली जेल पहुंचे। उनके साथ सिर्फ एक सदस्य साथ था। इस टीम ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की जेल में गतिविधियों को लेकर पूछताछ की। साथ मे ट्रक ड्राइवर और क्लीनर के बारे में भी जानकारी ली। लगभग डेढ घंटा जेल में रुकने के बाद टीम लखनऊ रवाना हो गई।

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Posted By: Umesh Tiwari

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