लखनऊ, जेएनएन। नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का बजट आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। निर्मला सीतारमण के इस बजट को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने प्राइवेट सेक्टर को बढावा देने वाला बताया है। बजट 2019-20 पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को भारत को आर्थिक महशक्ति बनाने वाला बताया है।

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा कि निर्मला सीतारमण का यह बजट प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देकर कुछ बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों की ही हर प्रकार से मदद करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस बजट से दलितों व पिछड़ों के आरक्षण की ही नहीं बल्कि महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, किसान व ग्रामीण समस्या और भी जटिल होगी। इस तरह के बजट से देश में पूंजी का विकास भी संभव नहीं है।

मायावती ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने बजट 2019-20 को हर मामले में व हर स्तर पर लुभावना बनाने की पूरी कोशिश की है। अब तो देखना है कि इनका यह बजट जमीनी हकीकत में देश की जनता के लिए अब कितना लाभदायक सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि पूरा देश गरीबी, बेरोजगारी, बदतर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा से पीडि़त व परेशान है। ऐसे में नरेंद्र मोदी सरकार को बजट में भी सबका ध्यान रखना चाहिए था।

बजट पूरी तरह से लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला : योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट को कल्याण वाला बजट बताया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने में हमें 55 वर्ष लग गए, लेकिन अब तो इस बजट से इसी वर्ष तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी महिला ने देश का बजट पेश किया है। मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं। यह बजट पूरी तरह से लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। इसमें सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री ने भारत को दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनाने वाला यह शानदार बजट पेश किया है। यह बजट देश के लोगों की अपेक्षाओं और आंकाक्षाओं की पूर्ति करने वाला साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समग्र आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने, गांव, गरीब, किसान, नौजवान और समाज के प्रत्येक तबके के हितों को समृद्ध करने वाला यह बजट है। उन्होंने कहा कि हम सबके लिए यह गौरव की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था 2.7 ट्रिलियन की हो गई है और शीघ्र ही 3 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। आने वाले समय में हम 5 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य पूरा करेंगे। देश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने में 55 वर्ष लगे थे और मोदी जी के नेतृत्व में इस लक्ष्य को मात्र 5 वर्ष में हासिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत पांच वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक सुधारों के साथ-साथ देश के समग्र विकास की रूप रेखा तैयार की गई थी। जिसकी झलक हम सबको इस बजट में देखने को मिली है। इस बजट में आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर हर गरीब को शौचालय, नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन और एलपीजी कनेक्शन के साथ एक करोड़ 95 लाख परिवारों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है, जो अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश के लिए वन पॉवर वन ग्रिड की परिकल्पना को साकार करने का लक्ष्य। देश के तीन करोड़ उन उद्यमियों के लिए एक पेंशन की स्कीम, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के दायरे को बढ़ाना और 2024 तक हर घर नल की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा करना सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में पेश किया गया यह बजट नए और शक्तिशाली भारत की परिकल्पना को साकार करेगा। इसके साथ ही सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के नारे को आगे ले जाएगा। 

विपक्ष ने कहा, महंगाई बढ़ेगी और बाजार में भी उदासी का माहौल बनेगा 

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट निराशाजनक दिशाहीन और उद्देश्यहीन है। गरीबों, किसानों, नौजवानों, नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं के लिए उसमें कुछ भी नहीं। मध्यमवर्ग बजट से बुरी तरह चोटिल होगा क्योंकि इसमें एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से छीन लेने की प्रक्रिया अपनाई गयी है। पेट्रोल-डीजल के दामों में अतिरिक्त सेस लगाने से 2.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि से परिवहन मंहगा होगा। इस से जीवनोपयोगी वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे। बजट में गरीबों को उबारने की कोई कोशिश नहीं की गई है। वहीं, किसानों की कर्जमाफी व आय में बढ़ोत्तरी के उपायों पर सरकार ने चुप्पी साध रखी है। बजट से बाजार में उदासी का माहौल बना है। 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत अपने पहले बजट में सपने तो बड़े-बड़े दिखाए गए लेकिन, उसे हकीकत में बदलने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं है। बजट पूरी तरह निराशाजनक और लक्ष्यविहीन है। युवाओं के रोजगार के लिए बजट में सरकार ने न तो सरकारी क्षेत्र में और न ही गैर सरकारी संगठित अथवा असंगठित क्षेत्र में कोई कार्ययोजना प्रस्तुत की। किसानों के लिए शून्य लागत पर खेती के लक्ष्य की बात की गई, परंतु जीरो लागत के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। 

Posted By: Dharmendra Pandey