लखनऊ, जेएनएन। राजधानी के डिग्री कॉलेजों में यूजी और पीजी की करीब 5200 सीटें गरीब सवर्णों के लिए आरक्षित की गई हैं। छात्रों को इसका लाभ मिल सके इस मकसद से लखनऊ विश्वविद्यालय ने संबद्ध सभी डिग्री कॉलेजों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

लविवि प्रशासन ने सभी कॉलेजों को गरीब सर्वण आरक्षण के लिए सभी कॉलेजों को सीटों में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही इन बढ़ी हुई सीटों को पुरानी सीटों से अलग रखने के लिए भी कहा है। इन बढ़ी हुई दस प्रतिशत सीटों को कुल सीटों में नहीं जोड़ा जाएगा। 

करीब 165 कॉलेज, 52 सौ सीटें बढऩे की उम्मीद

राजधानी में लविवि से सहयुक्त कॉलेजों की संख्या करीब 174 है। प्रवेश समन्वय प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि सीटें बढ़ी तो ऐसे में करीब 52 सौ अतिरिक्त सीटें होंगी।  लविवि कुलसचिव एसके शुक्ला ने बताया कि सभी कॉलेजों को दस प्रतिशत सीटों में वृद्धि करना होगा।

इन सीटों को पुरानी सीटों से अलग रखा जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर सर्वणों को सुपर न्यूमैरिक कोटे के तहत सर्वण आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ पाने के लिए सवर्ण छात्रों को दो प्रपत्र प्रस्तुत करने होंगे। इसमें आय प्रमाण पत्र होगा और लाभार्थी द्वारा एक स्वंय घोषणा पत्र भी देना होगा। रजिस्ट्रार एसके शुक्ला ने कहना है कि दस प्रतिशत सीटें बढ़ाने के लिए कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिया गया है। विवि की तरह कॉलेज अपने यहां भी सीटें बढ़ाकर उन पर सुपर न्यूमैरिक कोटे के तहत दाखिला ले सकेंगे।

 

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Posted By: Anurag Gupta

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