रायबरेली, जेएनएन। सॉल्वरों की मदद से बैंक भर्ती परीक्षा पास कर नियुक्ति लेने आए दो युवक पकड़े गए हैं। दोनों बिहार के हैं, पुलिस मुकदमा दर्ज कर दोनों से पूछताछ कर रही है।  बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में मौजूदा समय में क्लर्क और अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। गुरुवार को क्लर्क पद पर नियुक्ति लेने आए बिहार प्रांत के नालंदा जनपद के कुबडा बिगहा मजरे परिऔना निवासी कन्हैया कुमार और पटना, बाइपास रोड, गोङ्क्षवदपुर के राजीव रंजन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र समेत हस्ताक्षर का सत्यापन किया गया तो पोल खुल गई। 

दोनों ने पूछाताछ में बताया कि बैंक में नौकरी के लिए दोनों से 11-11 लाख रुपये की मांग सॉल्वरों ने की थी। कन्हैया ने आठ लाख और राजीव ने तीन लाख एडवांस में दे दिए। उन दोनों की परीक्षा सॉल्वरों ने दी। साक्षात्कार और बायोमेट्रिक टेस्ट भी सॉल्वरों ने ही दिया। जब दोनों ज्वाइङ्क्षनग के लिए रायबरेली क्षेत्रीय कार्यालय आए तो उन्हीं सॉल्वरों ने यहां भी बायोमीट्रक मशीन में अंगूठा लगाया और निकल गए। इसके बाद शैक्षणिक प्रपत्रों का सत्यापन और हस्ताक्षर का मिलान करना बाकी रह जाता है, जिसमें खास कोई ध्यान नहीं देता। पकड़े गए दोनों युवकों ने ये भी बताया कि इन्हीं सॉल्वरों ने दो युवकों की एसबीआइ में नौकरी लगवा दी है।

मामला बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का निकला तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शहर कोतवाल अतुल कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि बिहार के दो युवकों को पकड़ा गया है मुकदमा दर्ज कर दोनों से पूछताछ की जा रही है। सर्विलांस और स्वॉट टीम भी पड़ताल में जुटी है। हम जल्द ही इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करेंगे। मामला बड़ा है और कई राज्यों तक फैला है।

Posted By: Anurag Gupta

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