लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। रोहिंग्या को ठेके पर बांग्लादेश के रास्ते सीमा पार कराने और उत्तर प्रदेश में लाकर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने का खेल जारी है। गाजियाबाद से पकड़े गए रोहिंग्या नूर आलम व म्यामार के निवासी आमिर हुसैन ने इसमें शामिल कई लोगों के बारे में अहम जानकारियां दी हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने दोनों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है। सूत्रों का कहना है कि आइबी समेत अन्य जांच एजेंसियों ने भी दोनों से पूछताछ की है। नूर आलम के संपर्क में रहे अन्य रोहिंग्या व उसके मददगारों के बारे में भी छानबीन की जा रही है।

एटीएस ने बीती सात जून को नूर आलम व आमिर को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। एटीएस ने इससे पूर्व नूर आलम के साले अजीजुल्ला को जनवरी माह में संतकबीरनगर से पकड़ा था। तब नूर आलम भाग निकला था। पहली बार सामने आया था कि अजीजुल्ला समेत अन्य रोहिंग्या यूपी में फर्जी दस्तावेजों की मदद से पहचान बदलकर रह रहे हैं।

नूर आलम रोहिंग्या को ठेके पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में शरण दिलाने वाले गिरोह का अहम हिस्सा है। अजीजुल्ला के पकड़े जाने के बाद ही एटीएस ने बीते फरवरी माह में अलीगढ़ व उन्नाव में पहचान बदलकर रह रहे दो रोहिंग्या भाइयों को गिरफ्तार किया था। इसी के साथ एटीएस नूर आलम की तलाश में जुट गई थी। अब उसके अन्य साथियों के बारे में छानबीन तेज की गई है।

आमिर को भी नूर आलम ही लेकर आया था और उससे भी फर्जी दस्तावेजों के जरिये नई पहचान दिलाने का वादा किया था। जांच एजेंसियां दोनों से सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ को लेकर भी सवाल जवाब कर रही हैं। नूर आलम ने मेरठ में शरण ले रखी थी। दोनों से पूछताछ के आधार पर एटीएस अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ समेत कुछ अन्य शहरों में अपनी छानबीन तेज करेगी।

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