लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भर्ती संस्थान और उत्तर प्रदेश शासन का पैमाना अलग-अलग है। दो भर्ती संस्थाओं ने कोरोना संक्रमण की वजह से दो अहम परीक्षाएं टाल दी हैं, वहीं परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 23 जनवरी को कराने के लिए जुटा है। जिन परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं, उनमें परीक्षार्थियों की संख्या भी कम है, जबकि यूपीटीईटी में 21.65 लाख दावेदारों को इम्तिहान में शामिल होना है।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस 2021 की मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी है। 28 जनवरी से होने वाले इस इम्तिहान में सिर्फ 7688 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, आयोग ने कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षाएं 23 मार्च से कराने का एलान किया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने स्वास्थ्य विभाग में महिला कार्यकर्ता एएनएम भर्ती की मुख्य परीक्षा छह फरवरी को प्रस्तावित की थी, 9212 पदों के लिए होने वाले इम्तिहान को भी संक्रमण की वजह से टाला गया है, अभी नई तारीख का एलान नहीं किया है।

उधर, यूपीटीईटी कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिलों में प्रश्नपत्र पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। परीक्षा दो पालियों में सभी जिलों में होनी हैं, इसमें 21 लाख 65 हजार से अधिक को प्रतिभाग करना है। इसके लिए ढाई हजार से अधिक केंद्र तय किए गए हैं। साथ ही अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने निर्देश दिया हे कि हर परीक्षा केंद्र पर दो स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएं। परीक्षार्थियों को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। परीक्षा संस्था के अनुसार लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

कोरोना पाजिटिव परीक्षार्थियों को अलग कक्ष में बैठाएं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि यूपीटीईटी में यदि कोई कोविड पाजिटिव अभ्यर्थी शामिल होना चाहता है तो उसके लिए अलग कक्ष की व्यवस्था की जाए। उन्होंने परीक्षा कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे करने का निर्देश दिया है।

Edited By: Umesh Tiwari