लखनऊ, जागरण संवाददाता। लखनऊ के जिला जेल में लूट के आरोपित बंदी रूपेश की आत्महत्या के मामले ने पुलिस महकमे के व्‍यवहार पर एक बार फिर से सवाल उठा दिया है। अब मामले की जांच के लिए दो कमेटी बना दी गई हैं। एक कमेटी जेल मुख्यालय द्वारा डीआइजी जेल के निर्देशन में बनी है। वहीं, दूसरी कमेटी न्यायायिक जांच के लिए कमेटी बनेगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।

जेल मुख्यालय के प्रवक्ता संतोष कुमार ने बताया कि डीआइजी जेल की निगरानी में बनी कमेटी जेल की व्यवस्थाओं पर जांच करेगी कि किन परिस्थितियों में बंदी ने आत्महत्या की। वहीं, एक न्यायिक अधिकारी के अंडर में कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी जांच करेंगे। न्यायिक अधिकारी के नामित होते ही तत्काल केश से संबंधित दस्तावेज दे दिए जाएंगे।

सुसाइड नोट में पुलिस पर लगाया था डकैती में फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप: रूपेश के पास से जो सुसाइडनोट मिला था उसमें उसने गोसाईगंज पुलिस पर फर्जी डकैती के केश में फंसाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने उसे 17 अगस्त को लोहा व्यवसायी के मुनीम से हुई 35 लाख की लूट के मामले में जेल भेजा था। तब से वह जेल में था। वहीं, रूपेश के भाई राकेश ने बताया कि उसका भाई लुटेरा नहीं है। पुलिस ने लूट के मामले में गलत तरीके से जेल भेजा था।

तीन डाक्टरों का पैनल आज करेगा पोस्टमार्टम: रूपेश के शव का आज पोस्टमार्टम होगा। पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों का पैनल करेगा और वीडियोग्राफी भी होगी। रिपोर्ट से उसकी मौत के कारणों की पुष्टि होगी। वहीं, रूपेश के भाई राकेश ने जेल में लूट के मामले में बंद साथी बंदियों पर हत्या का आरोप लगाया है। राकेश का आरोप है कि भाई के साथ लूट में बंद आरोपितों ने ही उसकी हत्या कर दी। वहीं, इंस्पेक्टर गोसाईगंज अमरनाथ वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Rafiya Naz