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अवैध वसूली में कानपुर के दो एआरटीओ निलंबित, आरटीओ से 15 दिन में जवाब तलब

Published: Wed, 02 Sep 2026 04:27 PM (IST)

ARTO Suspended: जांच में कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार की भी संलिप्तता सामने आई। इसके बाद ...और पढ़ें

दो एआरटीओ सोमलता यादव और आलोक कुमार तत्काल प्रभाव से निलंबित

दो एआरटीओ सोमलता यादव और आलोक कुमार तत्काल प्रभाव से निलंबित 

HighLights

  1. कार्यालय में अनधिकृत लोगों से काम कराने और अवैध वसूली का मामला

  2. दो लिपिक समेत 15 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। कानपुर नगर के संभागीय परिवहन कार्यालय में अनियमितता और अवैध वसूली के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर कानपुर नगर के दो एआरटीओ सोमलता यादव और आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वहीं, आरटीओ (प्रशासन) राकेन्द्र सिंह से 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्राप्त शिकायतों के बाद जिलाधिकारी कानपुर ने अपर पुलिस उपायुक्त और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कानपुर नगर से संभागीय और सहायक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण कराया।

इस दौरान कार्यालय में मौजूद करीब 50 लोगों से पूछताछ की गई। इनमें 11 संदिग्ध लोग मिले, जो आवेदकों से वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर अवैध वसूली कर रहे थे। इनके पास से 43,485 रुपये नकद बरामद हुए। जांच में कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार की भी संलिप्तता सामने आई। इसके बाद जिला प्रशासन ने कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में एफआइआर दर्ज कराई।

ट्रक चालक से 26,750 रुपये की वसूली और 21,750 की रसीद

निरीक्षण के दौरान एक और गंभीर अनियमितता सामने आई। वाहन संख्या यूपी 91 एटी 4251 (ट्रक) के चालक ने बताया कि कार्यालय के एक कर्मचारी ने उससे 26,750 रुपये लिए, लेकिन उसे केवल 21,750 रुपये की जमा पर्ची दी गई। जांच के दौरान उपलब्ध नकदी के मिलान में भी यह अनियमितता पाई गई। जिलाधिकारी ने निरीक्षण की रिपोर्ट परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजी थी।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि शासन और मुख्यालय की ओर से कार्यालयों में अनधिकृत लोगों से काम न कराने के स्पष्ट निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद कानपुर के परिवहन कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अनधिकृत लोगों से काम कराया जा रहा था और पैसों का अवैध लेनदेन हो रहा था। यह संबंधित पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की शिथिलता को दर्शाता है।

ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। निलंबन अवधि में सोमलता यादव और आलोक कुमार परिवहन मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। मामले की जांच के लिए शासन ने उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया है।

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