लखनऊ, जेएनएन। राजधानी की पुलिस ने सचिवालय, रेलवे समेत अन्य सरकारी विभागों में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। दो जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए जालसाजों में आजमगढ़ निवासी अनिल कुमार व चंदौली निवासी आशीष यादव हैं।

दोनों जालसाजों बेरोजगार युवकों से पैसा ऐंठकर उन्हें सरकारी नौकरी के फर्जी नियुक्ति पत्र तक जारी कर देते थे, जब पीडि़तों ने नौकरी के लिए संबंधित विभागों में संपर्क किया तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला। पैसा वापस मांगने पर जालसाजों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गए। सीओ आलमबाग लालप्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड राशिद कुरैशी फरार है। दोनों जालसाजों के कब्जे से पुलिस ने सचिवालय प्रशासन उत्तर प्रदेश सरकार का जितेंद्र कुमार यादव नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र, दो सीपीयू, तीन लैपटॉप, एक प्रिंटर, दो मॉनीटर, दो दर्जन से अधिक की मात्रा में पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, चेकबुक, पासबुक, निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।  

विदेश भेजने के नाम पर पर भी करते थे ठगी

छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह के सदस्य बिहार, उत्तर प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के बेरोजगारों को विदेश भेजने का दावा करते थे और उनसे लाखों रुपये ऐंठकर पब्लिक का पासपोर्ट लेकर धोखाधड़ी करके उन्हें वीजा दे देते थे। 

ऐसे पकड़े गए जालसाज

ऑपरेशन 420 देखकर हंसखेड़ा निवासी आदित्य यादव ने चौकी प्रभारी सुभाषचंद्र से संपर्क किया। आदित्य ने बताया कि  उन्होंने भी पारा थाने में जालसाजों पर एफआइआर करा रखी है, जिसपर चौकी प्रभारी सक्रिय हुए और दोनों जालसाजों को धरदबोचा। जालसाज दुबग्गा चौराहे के पास बाकायदा कार्यालय खोलकर लोगों को ठग रहे थे।  

Posted By: Divyansh Rastogi

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