लखनऊ [राजीव बाजपेयी]। असलहों के शौकीनों के लिए बुरी खबर। केंद्र सरकार की ओर से संशोधित आम्र्स एक्ट के निशाने पर राजधानी के करीब ढाई हजार से अधिक शस्त्र धारक हैं, जिनके पास एक से अधिक असलहे हैं। संसद से मंजूरी मिलते ही राज्यों द्वारा इसे लागू करने के साथ ही शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। 

केंद्र सरकार ने गत 28 नवंबर को ही आम्र्स एक्ट 2019 में संशोधन किया है। नए संशोधन के अनुसार अब एक व्यक्ति को केवल एक ही शस्त्र रखने का अधिकारी होगा। अब तक आम्र्स एक्ट 1959 के अनुसार एक व्यक्ति अधिकतम तीन असलहे रख सकता था। कैबिनेट से इसे पास कर दिया है। उम्मीद है कि इसे इसी सत्र में सरकार संसद में पेश करेगी। राजधानी में भी इस संशोधन का व्यापक असर देखने को मिलेगा। राजधानी में अब तक 57601 शस्त्र धारक हैं, जिनके पास 60097 असलहे हैं। जबकि 58521 लाइसेंस नंबर दर्ज हैं। इस तरह यहां पर करीब 2496 ऐसे शस्त्र धारक हैं जिनके पास एक से अधिक असलहे हैं।

वहीं, एक्ट में शस्त्र धारकों को नवीनीकरण को लेकर राहत दी गई है। अब असलहे की वैद्यता पांच साल की होगी। इसका मतलब है कि असलहे का नवीनीकरण तीन साल के बजाय पांच साल में कराना होगा। हर्ष फायरिंग पर भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। हर्ष फायरिंग या फिर असलहे के रखरखाव में लापरवाही पर दो साल की सजा के साथ एक लाख तक जुर्माना भी हो सकता है। 

मुख्य बिंदु

  • एक व्यक्ति के पास एक ही शस्त्र रखने का अधिकार 
  • एक्ट लागू होने के एक साल के भीतर जमा करना होगा दूसरा असलहा
  • तीन नहीं पांच वर्ष में कराना होगा नवीनीकरण
  • हर्ष फायरिंग पर दो साल की हो सकती है जेल।
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Posted By: Divyansh Rastogi

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