लखनऊ, [अम्बरीष श्रीवास्तव]। गंगा नदी में फैक्ट्री का गंदा पानी प्रवाहित करने के मामले में सीबीआइ/प्रदूषण की विशेष अदालत ने मेसर्स चौधरी लेदर्स फिनिशर्स व इसके मालिक को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट यशा शर्मा ने कानपुर की इस फैक्ट्री पर दो लाख 50 हजार का जुर्माना ठोंका है। साथ ही इसके मालिक अभियुक्त राज चौधरी को दो साल की सजा सुनाई है। उन्होंने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जुर्माने की धनराशि अदा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

30 जनवरी, 2008 को उप्र जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस मामले में फैक्ट्री व इसके प्रोपराइटर राज चौधरी के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। विशेष वकील एके चौबे के मुताबिक अभियुक्त राज चौधरी कानपुर के जार्जमऊ इलाके में मेसर्स चौधरी लेदर्स फिनिशर्स के नाम से फैक्ट्री संचालित करता था। 27 जून, 2007 को जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति ने इस फैक्ट्री को बंद करने का आदेश जारी किया था। नौ अगस्त, 2007 को उप्र जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक प्रर्यावरण अभियंता प्रखर कुमार ने फैक्ट्री की जांच की।

उन्होंने जांच में पाया कि अभियुक्त गंगा प्रदूषण से संबंधित आदेश का उल्लंघन करते हुए अपनी फैक्ट्री संचालित कर रहा है। जिसकी वजह से फैक्ट्री का गंदा पानी गंगा में प्रवाहित हो रहा है और गंगा का जल प्रदूषित हो रहा है। विशेष अदालत ने विचारण के पश्चात फैक्ट्री व इसके मालिक को जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम की धारा 44 व 41 के तहत दोषी करार दिया है।

Edited By: Vikas Mishra