नवरात्र पर्व पर करें एक बार तो करें डिजिटल उपवास, तन के साथ मन भी रहेगा काफी स्वस्थ
Digital Fast on Navratri : लगातार फोन में लगे रहने से रिश्तों में खटास आ सकती है। ऐसे में डिजिटल फास्टिंग रिश्तों को मजबूत कर सकता है।

कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से दूरी बनाकर डिजिटल फास्ट (मोबाइल फोन से दूरी) रखने का संकल्प लिया
HighLights
शारदीय नवरात्र पर बड़ी संख्या में लोगों का डिजिटल फास्ट (मोबाइल फोन से दूरी) का संकल्प
कुछ घंटों के लिए मोबाइल फोन, लैपटाप, टीवी या इंटरनेट मीडिया जैसी चीजों से दूरी से डिजिटल डिटाक्स
आनंद त्रिपाठी, लखनऊ : Navratri Day 2- मां जगदंबा के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का पर्व नवरात्र शुरू हो गया है। घरों में कलश स्थापना के साथ पूजन-अर्चन किया जा रहा है। लोग व्रत रखकर मां की वंदना कर रहे हैं।
ऐसे में कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से दूरी बनाकर डिजिटल फास्ट (मोबाइल फोन से दूरी) रखने का संकल्प लिया है, जिससे तन के साथ मन भी मां की भक्ति में पूरे समर्पण से लीन हो सके। ऐसे करके वे स्वयं के साथ बच्चों को भी अच्छे संस्कार की ओर मोड़ पाएंगे।
आजकल हर व्यक्ति का अधिकांश समय मोबाइल फोन की स्क्रालिंग में जाता है। घर से लेकर कार्यालय तक और सुबह से रात तक मोबाइल फोन सबकी जरूरत बन गया है। बड़ों से लेकर बच्चे तक सब इसके आदी हैं, जिससे शरीर के साथ मन-मस्तिष्क पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
डालीबाग की मेघा गुप्ता हर वर्ष नवरात्र व्रत रखती हैं। इस बार भी उन्होंने व्रत रखा है, लेकिन एक अतिरिक्त संकल्प के साथ। मेघा ने बताया कि उनकी बेटी चार वर्ष की है, जो मोबाइल के बिना खाना तक नहीं खाती। सुबह जगने से लेकर रात के सोने तक उसे मोबाइल चाहिए। ऐसे में नवरात्र के पहले दिन की शुरुआत उन्होंने मोबाइल फोन को दूर करने से की है।
सुबह बेटी उठी तो उसके साथ मंदिर को सजाया, फिर पूजा-पाठ कराया। बहाना बनाया कि फोन खराब हो गया है। उसके साथ योग किया। कुछ देर बाद उसने दोबारा मोबाइल की जिद की तो उसके साथ बैठकर खिलौने खेले। इस तरह आधा दिन पार हो गया।
ऐसी महानगर की आख्या तिवारी के दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा 10 वर्ष का है, जबकि बेटी तीन वर्ष की। वह बताती हैं कि दोनों मोबाइल फोन देखते हैं, लेकिन नवरात्र में उन्हें फोन दूर करने के लिए अपने साथ पूजन और व्यायाम में लगा लेती हैं। बेटी उनके साथ फूल से मंदिर सजाती है तो बेटा पूजन सामग्री लाने में मदद कर रहा है। खाली समय में उनके साथ मन को एकाग्र करने के लिए प्राणायाम कर रहे हैं। उन्हें बताया है कि नवरात्र में फोन नहीं देखना चाहिए।
कम होता है दिमाग पर दबाव
डिजिटल फास्टिंग में आपको कुछ घंटों के लिए मोबाइल फोन, लैपटाप, टीवी या इंटरनेट मीडिया जैसी चीजों से दूरी बनानी होती है। इससे दिमाग पर दबाव कम होता है। इसे डिजिटल डिटाक्स भी कहा जाता है।
डिजिटल फास्टिंग से लाभ
- लगातार फोन में लगे रहने से रिश्तों में खटास आ सकती है। ऐसे में डिजिटल फास्टिंग रिश्तों को मजबूत कर सकता है।
- आप अपने काम को उपयोगी तरीके से कर पाते हैं। इससे आपकी दिमागी सेहत भी अच्छी रहती है।
- इससे तनाव कम करने में मदद मिलती है। आप अपनी जीवन में कुछ बेहतर कर सकते हैं।
डिजिटल माध्यमों से कुछ समय की दूरी उपयोगी
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में बाल रोग विभाग के डॉ. केके यादव की राय है कि बच्चों के लिए डिजिटल फास्ट यानि कुछ समय के लिए मोबाइल, इंटरनेट मीडिया, आनलाइन गेम और दूसरे गैरजरूरी डिजिटल माध्यमों से दूरी बनाना उपयोगी है। डिजिटल फास्ट का अर्थ तकनीक का पूरी तरह त्याग करना नहीं, बल्कि उसके इस्तेमाल पर नियंत्रण स्थापित करना है। इससे बच्चों को पढ़ाई, किताबों और दूसरे जरूरी कामों पर ध्यान लगाने के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है।
फास्टिंग तो हमेशा से अच्छी
लखनऊ विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान, प्रो. अर्चना शुक्ला का मानना है कि फास्टिंग तो हमेशा अच्छी होती है। खानपान में फास्ट रखने से शरीर को लाभ होता है। इसी तरह डिजिटल फास्ट शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए उपयोगी है, मगर मुझे लगता है डिजिटल फास्ट के लिए हम नवरात्र की इंतजार क्यों करें। प्रतिदिन कुछ समय के लिए डिजिटल फास्टिंग ज्यादा अच्छी रहेगी।
आंखों में सूखापन बढ़ा रहा डिजिटल दौर
लोहिया संस्थान में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रोलिमा ठक्कर ने बताया लगातार आधे घंटे से ज्यादा मोबाइल फोन देखने से आंखों में सूखापन हो जाता है। वैसे तो डिजिटल फास्ट बहुत अच्छा है, लेकिन अगर न कर पाएं तो कम से हर आधे घंटे बाद आंखों को कुछ देर के लिए स्क्रीन से हटा लें। फोन अधिक देखने से बच्चों में मानसिक बीमारियों का खतरा रहता है। ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी घटती है।
इंटरनेट मीडिया से दूरी बहुत जरूरी
पूर्व चीफ डायटीशियन, केजीएमयू डॉ. सुनीता सक्सेना मानती हैं कि इंटरनेट मीडिया से दूरी बहुत जरूरी है। आज अधिकांश लोग खाना खाते समय मोबाइल फोन देखते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां होती हैं। इसलिए कुछ समय के लिए डिजिटल फास्ट बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है। स्क्रीन से दूर रहेंगे तो पेटदर्द और सिरदर्द जैसी समस्याएं नहीं होंगी और मानसिक स्थिति भी ठीक रहेगी।
