लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में 44 पैरामेडिकल कर्मियों के गलत ढंग से किए गए स्थानांतरण को निरस्त करने के आदेश सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. लिली सिंह ने जारी कर दिए। बीते पांच अगस्त को शासन ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का स्थानांतरण निरस्त करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

फिलहाल जिन पैरामेडिकल कर्मियों का स्थानांतरण निरस्त किया गया है, उनकी सूची भी जारी कर दी गई है। साथ ही मामले में दोषियों को चिन्हित किया जा रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का दो वर्ष तक स्थानांतरण नहीं किया जा सकता। अगर वह दोबारा या बार-बार चुनकर आ रहे हैं तो तबादला भी दो-दो वर्ष आगे बढ़ता जाता है। नियम विरूद्ध जिन 44 पैरामेडिकल कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है, उसमें सर्वाधिक 25 चीफ फार्मासिस्ट व फार्मासिस्ट शामिल हैं।

वहीं 11 चीफ लैब टेक्नीशियन व लैब टेक्नीशियन हैं। सात एक्स रे टेक्नीशियन व एक ईसीजी टेक्नीशियन शामिल हैं। यह डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन, चिकित्सा-स्वास्थ्य महासंघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, यूपी लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन और यूपी एक्स-रे टेक्नीशियन एसोसिएशन के पदाधिकारी हैं। फिलहाल पैरामेडिकल कर्मियों के स्थानांतरण में हुई गड़बड़ी के जिम्मेदारी अधिकारियों व कर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है।

प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संवर्ग के 19 डाक्टरों व 125 स्वास्थ्य कर्मियों के भी तबादले रद होना तय माना जा रहा है। जिन 44 पैरामेडिकल कर्मियों का स्थानांतरण विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी होने के कारण निरस्त किया गया है, उसी के आधार पर इनके स्थानांतरण रद करने की मांग तेज हो गई है। डाक्टरों व कर्मियों के संगठनों द्वारा पहले ही इसे लेकर ज्ञापन सौंपा जा चुका है। अगर स्थानांतरण निरस्त न हुए तो आंदोलन शुरू होगा।

पीएमएस एसोसिएशन के महामंत्री डा. अमित सिंह ने बताया कि पहले 21 डाक्टर जो संगठन के पदाधिकारी थे, उनका स्थानांतरण किया गया था। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से शिकायत किए जाने के बाद लेवल वन के डाक्टर दानवीर सिंह और डाक्टर सौरभ का स्थानांतरण महानिदेशालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था।

अभी लेवल टू और उससे ऊपर के 19 डाक्टर जो पीएमएस एसोसिएशन के पदाधिकारी हैं, उनका तबादला रद नहीं किया गया है। यह कार्रवाई शासन स्तर से होनी है और अभी इसका इंतजार किया जा रहा है।

वहीं यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह का कहना है कि लिपिक संवर्ग में ऐसे 125 कर्मियों का तबादला किया गया है जो एसोसिएशन में विभिन्न जिलों में पदाधिकारी हैं। पैरामेडिकल कर्मियों की तरह इनका स्थानांतरण भी रद किया जाए।

Edited By: Umesh Tiwari