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लखनऊ में किसान पथ पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले अब बचेंगे नहीं, घर पहुंचेगा चालान

Published: Thu, 30 Jul 2026 05:53 PM (IST)

Kisan Path Lucknow: आउटर रिंग रोड पर अस्सी किमी प्रति घंटे की गति निर्धारित है, लेकिन वाहनों की रफ्तार सौ ...और पढ़ें

लखनऊ के चारों तरफ बनी 105 किलोमीटर की आउटर रिंग रोड

लखनऊ के चारों तरफ बनी 105 किलोमीटर की आउटर रिंग रोड

HighLights

  1. एनएचएआई ट्रैफिक पुलिस को भेजेगी नियमित रूप से डाटा, ओवर स्पीडिंग पर होगी नजर

  2. 11 मार्च 2024 को हुआ था लोकार्पण, कई दुर्घटनाओं में जा चुकी हैं लोगों की जान

जागरण संवाददाता, लखनऊ। सूबे की राजधानी के चारों हाईवे से जोड़ने वाले किसान पथ (आउटर रिंग रोड) पर नियम तोड़ने वाले अब कैमरे में कैद हो जाएंगे। अब इनको कोई मोहलत नहीं मिलेगा और ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले के पास चालान पहुंचेगा।

लखनऊ के चारों तरफ बनी 105 किलोमीटर की आउटर रिंग रोड का 11 मार्च 2024 को लोकार्पण हुआ था। तब से यहां पर ट्रैफिक का संचालन बिना कैमरे के चल रहा था। कोई उल्टी दिशा में ट्रक चला रहा था तो कई स्थानीय ग्रामीण नियमों का ताक पर रखकर वाहन चलाते थे।

आउटर रिंग रोड पर अस्सी किमी प्रति घंटे की गति निर्धारित है, लेकिन वाहनों की रफ्तार सौ से ऊपर होती थी। अब नियमों को तोड़ना आसान नहीं होगा। ऐसा करने वालों पर नकेल लगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए हैं। 105 किलोमीटर की आउटर रिंग रोड पर सौ से अधिक लगाए गए कैमरे लगाए गए हैं।

यह कैमरे नियमों को तोड़ने वाले वाहनों का चालान करेंगे और यह डाटा ट्रैफिक पुलिस को भेज दिया जाएगा। इससे नियमित रूप से चालान की प्रकिया शुरू हो सकेगी। एनएचएआइ के मुताबिक नियमों को तोड़न वालों की फोटो लेकर डाटा भेजने का काम जल्द ही शुरू करने की तैयारी है।

आउटर रिंग रोड पर पचास हजार से अधिक हल्के व भारी वाहन प्रतिदिन निकलते हैं। इनमें दो से तीन प्रतिशत वाहन नियमों का पालन ही नहीं करते हैं। आउटर रिंग रोड के लोकार्पण से अब तक दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें कइयों की जानें तक जा चुकी है। किसान पथ रायबरेली रोड, अयोध्या रोड, सुल्तानपुर रोड, कानपुर रोड और सीतापुर रोड को जोड़ता है।

माती के पास प्राधिकरण ने कंट्रोल रूम बनाया

एनएचएआई ने लोकार्पण के दौरान जिन कैमरों का टेंडर किया था, उन्हें मानकों के विपरीत पाते हुए टेंडर को निरस्त कर दिया गया था। बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए नए सिरे से टेंडर किए गए और फिर कैमरे लगाए गए। यही नहीं आउटर रिंग रोड पर माती के पास प्राधिकरण ने कंट्रोल रूम बनाया है। इसी कंट्रोल रूम में कार्यदायी संस्था, एनएचएआइ और पुलिस कर्मियों के बैठने की भी व्यवस्था होगी।

दुर्घटनाओं पर पूर्ण रूप से लगेगा अंकुश

एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि एएनपीआर कैमरे लगा दिए गए हैं। यह नियमों को तोड़ने वाले वाहनों की फोटा खीचेंगे और यातायात पुलिस को भेजेंगे। इससे ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो सकेगी, जो नियमों को तोड़ रहे थे। दुर्घटनाओं पर पूर्ण रूप से अंकुश लगेगा।