अयोध्या(अवनीश त्यागी)। राम की नगरी में विश्व हिंदू परिषद नए 'एक्शन प्लान' 84 कोसी परिक्रमा के पहले दिन अपना पराक्रम नहीं दिखा सकी। वहीं परिक्रमा क्षेत्र सील करने का दावा कर रही सरकार सरयू तट तक विहिप नेताओं को जाने से नहीं रोक पायी।

यह दीगर है कि पर्याप्त संख्या न जुट पाने से सरयू पूजन कार्यक्रम विधिवत नहीं हो सका और प्रवीण तोगड़िया, रामविलास वेदांती एवं नृत्यगोपाल दास सरीखे विहिप नेताओं को गिरफ्तार कर प्रशासन ने यात्रा नहीं बढ़ने देने की बात भी रख ली। सरकार को सुकून है कि यात्रा शुरू नहीं हो सकी। विहिप नेतृत्व अभी माहौल गरमाने की आस लगाए है, इसलिए कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का विरोध जताने के लिए सोमवार को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया है।

कड़े सुरक्षा प्रबंधों के चलते अयोध्या व फैजाबाद में रविवार को क‌र्फ्यू जैसा माहौल रहा। हर रोज सरयू में डुबकी लगाने वालों को भी रोका गया। नदी किनारे पंडों-पुरोहितों की चौकियों पर सुरक्षाकर्मी कब्जा जमाए थे। सरकार बिना लाठी- डंडा चलाए ही प्रवीण तोगड़िया, नृत्यगोपाल दास, रामविलास वेदांती, महंत सुरेश दास, महंत कमल नयन दास, विधायक रामचंद्र यादव व लल्लू सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने में सफल रही।

विहिप के आह्वान पर अयोध्या में होने वाला संतों का जमघट नहीं दिखा। दिगंबर अखाड़े वाली गली में भी सन्नाटा पसरा था। नवंबर 1990 में जय श्रीराम के नारों और गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजने वाली इस गली में नारे भी नहीं सुनाई दिए। परमहंस रामचंद्र दास के उत्तराधिकार महंत सुरेश दास ने चंद संतों के साथ प्रतीकात्मक गिरफ्तारी दी। इसी तरह पूर्व सासद रामविलास वेदाती को भी पुलिस ने आसानी से कब्जे में ले लिया। प्रवीण तोगडि़या को गोला घाट पर गिरफ्तार करने में करीब आधा घंटा आंख मिचौनी जैसा खेल चला। संतों से धक्का-मुक्की के बीच सियाकिशोरी शरण, राममुनि दास व रमाशंकर रामायणी ने पूजन औपचारिकता निभाई।

यात्रा को अपेक्षित समर्थन न मिलने पर विहिप नेता भले ही सफाई दें परन्तु उनके इस अभियान को साधु-संतों ने भी गंभीरता से नहीं लिया। 2002 में शिलादान कार्यक्रम के बाद अयोध्या में पुन: पैठ बनाने की विहिप की कोशिश यात्रा के पहले दिन परवान चढ़ती नहीं दिखी। सीधा जुड़ाव न होने के बावजूद गिरफ्तार होने वालों में भाजपाइयों की संख्या ही अधिक रहने को विहिप अपने संगठन की दृष्टि से शुभ नहीं मान रही।

सूत्रों का कहना है कि संगठनात्मक खामियों को दूर करने के लिए हाईकोर्ट की रोक होने के बावजूद यात्रा अभियान को जारी रखा जाएगा। अलग-अलग जिलों के कार्यकर्ताओं को दिन आवंटित कर गिरफ्तारी देने के लिए अयोध्या कूच करने को कहा गया है। आज प्रदर्शन के बाद 13 सितंबर तक सिलसिला चलेगा। अभियान की कमान महामंत्री चम्पत राय संभालेंगे, इसी लिए राय गिरफ्तारी देने को सामने नहीं आए। माहौल गरमाने को विहिप दशहरा पर्व के बाद 18 अक्टूबर को बड़े आंदोलन का एलान कर सकती है।

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विहिप की यात्रा धार्मिक नहीं सियासी : हाशिम

विवादित ढांचा मामले में मुस्लिम पक्ष के प्रमुख मुद्दई हाशिम अंसारी विश्व हिंदू परिषद की चौरासी कोसी यात्रा से आयोजन को लेकर बेहद आहत हैं। उनका आरोप है कि यात्रा धार्मिक नहीं सियासी है। यात्रा धार्मिक होती तो वह खुद भी शामिल होते। हाशिम का आरोप है कि कांग्रेस प्रदेश की सपा सरकार को गिराने की कोशिश में है। कांग्रेस ने भाजपा से मिलकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची है। अयोध्या में परिक्रमा को लेकर कभी विवाद नहीं हुआ क्योंकि यहां के लोग अमन और कारोबार चाहते है।

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