लखनऊ (जेएनएन)। बहराइच-लखीमपुर और तराई से जुड़े कई इलाकों में बाघ व तेंदुआ की दहशत है। हिंसक वन्यजीवों के पगचिह्न देखकर तो कहीं दहाड़ सुनकर लो सिहर जाते हैं। घर से बाहर निकलकर दहशत ही दहशत हैं। ऐसे में कृषि कार्य में लगे ग्रामीणों को काफी दिक्कत है। वन विभाग की कोई कार्रवाई कारगर नहीं हो पा रही है। बहराइच में तो आज बाघ ने एक महिला को निवाल बना लिया जबकि लखीमपुर में तेंदुए के हमले से एक व्यक्ति जख्मी हो गया।

बहराइच में महिला बनी बाघ का निवाला

बहराइच के आंबा विशुनापुर के निकट खेत में परवल तोडऩे गई महिला पर बाघ ने हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। आधे घंटे तक बाघ खेत में डटा रहा। ग्रामीणों के हांका लगाने पर बाघ अधखाया शव छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में आंबा विशुनापुर गांव स्थित है। गुरूवार शाम गांव की गुलाबिया (40) पत्नी जगतराम एक किलोमीटर दूर अपने खेत में परवल तोडऩे गई थी। इसबीच जंगल से निकले बाघ ने उसपर हमला कर उसे निवाला बना लिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण व अन्य लोग दौड़े लेकिन बाघ को देखकर ग्रामीण सहम गए। रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई, फिर भी आधे घंटे तक बाघ मौके पर डटा रहा। ग्रामीणों के मशाल जलाकर हांका लगाने पर बाघ जंगल में घुस गया। सुजौली थानाध्यक्ष अफसर परवेज मौके पर पहुंचे व घटनास्थल निरीक्षण किया। एसओ ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया है। डीएफओ कतर्नियाघाट जीपी सिंह ने बताया कि नियमानुसार मुआवजा परिवार को मुहैया कराया जाएगा। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। पगचिह्नों को देखकर पता चलेगा कि महिला को निवाला बनाने वाला तेंदुआ है या बाघ। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने बताया कि मृतका परिजन को मुआवजा देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

लखीमपुर में तेंदुए ने ग्रामीण पर किया हमला

लखीमपुर के एक घर में घुसे तेंदुए ने बिस्तर पर सो रहे ग्रामीण पर हमला कर दिया। ग्रामीण द्वारा शोर मचाने पर आस पास के लोग एकत्र हो गए। जिसके बाद तेंदुआ भाग निकला। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने आस पास कांङ्क्षबग की और ग्रामीणों को सतर्क रहने का निर्देश देकर वापस चली गई। मामला संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत निषादनगर घोला का है। बीती रात गांव निवासी सियाराम पुत्र मुन्नीलाल के घर में एक तेंदुआ आ घुसा। उस समय परिवार के लोग गहरी नींद में थे।  तेंदुए ने सो रहे सियाराम पर हमला कर दिया। जिसके बाद सियाराम ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर परिवारीजन जाग गए और तब तक आस पास के लोग भी आ पहुंचे। जिस पर तेंदुआ घर से निकलकर खेतों में लापता हो गया। सूचना मिलने पर सुबह रेंजर सठियाना तुलसीराम दोहरे अपनी टीम के साथ पहुंचे और मौका मुआयना कर ग्रामीणों से जानकारी ली। 

दहाड़ों के बीच दहशत में कट रहीं रातें 

लखीमपुर के  महेशपुर रेंज मे कहीं बाघ व तेंदुआ के पगमार्क तो कहीं दहाड़ सुनाई पड़ रही है। ऐसे में दहशत के साये में रहकर कृषि कार्य करने को ग्रामीण विवश हैं। वन विभाग की ग्रामीणों को सामूहिक कार्य करने की चेतावनी भी कारगर नहीं हो पा रही। बीते दिवस रेंज की सहजनिया बीट के इब्राहिम पुर ग्रंट के ग्राम अयोध्या पुर के निकट पगमार्क पहचाने के माहिर ग्रामीणों ने बाघ के पगमार्क दिखने की सूचना विभाग को दी। जिस वन दरो$गा रामप्रसाद व राजेश ने निशान देखकर जंगल के बार्डर पर बाघ होने की पुष्टि की। इसी स्थान पर घोड़ी को निवाला बनाने की घटना हुई थी। देवीपुर बीट के अयोध्यापुर मे अमर जीत, बाबूराम तथा वन बुधेली के मुजफ्फर अली के खेत में ग्रामीणों ने बाघ के पगमार्क देखने का दावा किया है। अयोध्यापुर, सिंघहा, वन बुधेली, नरसिंहपुर, मुल्लापुर के ग्रामीणों का आरोप है कि बाघ की दहाडों के बीच दहशत में रातें कट रही हैं। वही ग्रामीण रोटी रोजी चारा आदि के दैनिक कार्यो के लिये जान जोखिम में डाल कर खेतों में जा रहे हैं। ऐसे में किसी वक्त मानव व वन्य जीव संघर्ष की आशंका रहती है। छोटे और मंझोले किसानों को समूह में निकलना सभव नहीं है।

 

Posted By: Nawal Mishra