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परिवहन में अनुबंध के मामले में अब तीन सदस्य करेंगे विवादों का निपटारा

By Vivek Rao Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Thu, 19 Mar 2026 06:26 PM (IST)

UPSRTC Constract: पांच सदस्यीय समिति में निर्णय लेने में ज्यादा समय लग रहा था।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम

HighLights

  1. बस चालकों-परिचालकों के मामलों का जल्द होगा फैसला

  2. पांच से घटाकर सदस्यों की संख्या की गई तीन

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बस चालकों और परिचालकों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब उनके अनुबंध से जुड़े विवादों का निपटारा पहले से ज्यादा जल्दी होगा।

इसके लिए निगम ने आर्बिट्रेशन (विवाद निपटाने वाली) समिति में बदलाव किया है। पहले इस समिति में पांच सदस्य होते थे, लेकिन अब इसे घटाकर तीन सदस्य कर दिया गया है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि चालकों और परिचालकों के काफी मामले लंबित थे, क्योंकि पांच सदस्यीय समिति में निर्णय लेने में ज्यादा समय लग रहा था। इसी वजह से व्यवस्था को आसान और तेज बनाने का फैसला लिया गया।

नई व्यवस्था के अनुसार, अब समिति में क्षेत्रीय प्रबंधक के साथ दो अन्य अधिकारी शामिल होंगे। ये अधिकारी सेवा प्रबंधक, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त), वरिष्ठ सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक या सहायक विधि अधिकारी में से चुने जाएंगे। समिति छोटी होने से फैसले जल्दी होंगे और चालकों-परिचालकों को अपने मामलों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे पूरी प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी।