लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दो पूर्व पुलिस महानिदेशकों ने खाकी वर्दी पर ऐसे दाग लगाए हैं, जो कभी नहीं छूट पाएंगे। जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल का प्रदेश के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा के साथ एएल बनर्जी से नजदीकी गठजोड़ रहा है। शैलेंद्र के मोबाइल ने सारा राजफाश कर दिया है। उसने प्रदेशभर के दारोगाओं के प्रमोशन एएल बनर्जी से कराए, जिसमें प्रत्येक का रेट आठ लाख रुपये तय हुआ। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच इसमें करीब 3.20 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।

प्रदेश में सपा सरकार में बड़े पैमाने पर दारोगाओं के प्रमोशन हुए। इनमें रेग्यूलर के सात आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी हुए थे। जेल में बंद शैलेंद्र अग्र्रवाल इन प्रमोशन के लिए डीजीपी और दारोगाओं के बीच की कड़ी बन गया था। उनकी करीबी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोनों ने 15 अक्टूबर 2014 को मोबाइल पर एसएमएस के जरिए इसके लिए रेट तय कर लिए। शैलेंद्र ने सात लाख रुपये का प्रस्ताव रखा तो डीजीपी ने एक लाख और बढ़ा दिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में यह सामने आ चुका है कि सपा नेता के माध्यम से प्रदेश में करीब 40 दारोगाओं को प्रोन्नति देकर इंस्पेक्टर बनाया गया। ये सभी वे दारोगा थे जो अधिकतर मानकों को पूरा करते थे। छोटी सी जांच के कारण या तो उनके लिफाफे बंद कर दिए गए थे या आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की फाइल कुछ हल्की होने के कारण टेबल पर अटकी थी। सपा नेता से सौदे के बाद तय ये सभी फाइल रफ्तार में आ गईं और प्रमोशन हो गए। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार 40 दारोगाओं से लिए पूर्व डीजीपी को 3.20 करोड़ रुपये दिए। इसके अलावा शैलेंद्र की वसूली अलग से मानी जा रही है।

शैलेंद्र के राजदार मोबाइल का खुलासा

-15 अक्टूबर 2014 समय सुबह 7.47 बजे

-शैलेंद्र- सर 7 पर एसआइ चलेगा

-डीजीपी (समय 7.49 सुबह) - नो 8 डियर

-डीजीपी (समय 7.51 एएम)- आज?

-शैलेंद्र (समय 7.51 एएम)- टेल यू आफ्टर सम टाइम, मैं आपसे आकर बात करता हूं।

-डीजीपी (समय 8.03 एएम)- वेलकम

प्रमोशन के समय पर हुई थी बातचीत :

पुलिस सूत्रों के मुताबिक अक्टूबर में जिस समय सपा नेता और पूर्व डीजीपी के बीच एसएमएस से प्रमोशन के लिए बोली लगाई गई। उस समय रेग्यूलर प्रमोशन किए जा रहे थे।

सपा नेता की गाड़ी तक नहीं हुई सीज : सपा नेता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच लचर गति से चली। इतना ही नहीं सपा नेता की थाने लाई गई गाड़ी को भी पुलिस ने सीज नहीं किया। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस के कुछ अधिकारी अभी शैलेंद्र के प्रभाव मैं उसे बचाने में लगे हैं।

अब कटा पहला पर्चा : सपा नेता के खिलाफ पांच मई को ताजगंज थाने में दरोगा विजय सिंह चक की पत्नी द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में शैलेंद्र को जेल भेजा गया, बाद में कस्टडी रिमांड पर लिया। मगर, विवेचना आगे नहीं बढ़ी। बुधवार को विवेचना में पहला पर्चा काटा गया।

कोल्ड स्टोरेज होगा सीज : सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल की पुलिस अब पॉपर्टी सीज करने जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब उसके कोल्ड स्टोरेज को सीज किया जाएगा।

पेशी के दौरान कई सिपाहियों ने ठोंकी सलामी : शैलेंद्र का सलाखों के पीछे भी रुतबा कायम है। बुधवार को सुबह उसे पेशी के लिए दीवानी लाया गया। वहां तीन मामलों में पेशी थी। इस दौरान वह बेफिक्र नजर आया। यही नहीं पुलिस के सिपाही भी उसकी तलाशी की हिम्मत नहीं कर सके। कई सिपाहियों ने तो उसे देखकर सलामी भी ठोंकी।

शैलेंद्र के हर डीजीपी से संबंध : बनर्जी

आगरा : दारोगाओं के प्रमोशन का सौदा कर पुलिस की साख को रसातल में पहुंचाने वाले पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी अब किस तरह पाक-साफ बनने की कोशिश कर रहे हैं। परंतु वह यह भी कह रहे हैं कि शैलेंद्र के हर डीजीपी से संबंध रहे हैं। दैनिक जागरण ने पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी से उनके मोबाइल पर बात की तो किस तरह सफाई दी।

-आपके और शैलेंद्र अग्रवाल के बीच एसएमएस से दारोगाओं के प्रमोशन के 8 लाख रेट तय हुए?

पूर्व डीजीपी : प्रमोशन का काम भर्ती बोर्ड का है। डीजीपी का नहीं।

-पुलिस जांच में आपके और शैलेंद्र के बीच दारोगाओं के प्रमोशन के लिए 3.20 करोड़ के बीच लेनदेन की बात सामने आई है। आपका क्या कहना है?

पूर्व डीजीपी : आगरा पुलिस कपोल-कल्पित बातें कर रही है। डीजीपी रहने के दौरान में बहुत व्यस्तता थी। एसएमएस शाम को देखता था।

-शैलेंद्र अग्रवाल से आपके क्या संबंध थे?

पूर्व डीजीपी- शैलेंद्र के तो हर डीजीपी से संबंध हैं। ऑफिस में भी आना जाना था।

-फिर आपका नाम ही पुलिस क्यों ले रही है?

पूर्व डीजीपी- यह मैं नहीं समझ पा रहा हूं।

Posted By: Ashish Mishra