लखनऊ [ऋषि मिश्र]। हजारों आवंटियों की रजिस्ट्री में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने झूठे लीज प्लान चस्पा किए। इसका खामियाजा आवंटी भुगत रहे हैं। लगभग पूरे विराजखंड में रजिस्ट्री पर अंकित भूखंडों की चौहद्दी गलत है। जो उत्तर में लिखा है, वह पश्चिम में है और जो दक्षिण में लिखा है, वह पूर्व में। ऐसे आवंटियों को अब बैंक होम लोन नहीं दे रहे।

गोमती नगर विस्तार के अनेक आवंटियों की रजिस्ट्री के लीज प्लान में दर्शाए गए पार्क, कम्युनिटी सेंटर, स्वीमिंग पूल मौके से गायब हैं। रजिस्ट्री एक सरकारी हलफनामा होता है, जिससे अब प्राधिकरण मुकर रहा है। गोमती नगर विस्तार महासमिति के सचिव उमाशंकर दुबे ने बताया कि ग्रीनवुड अपार्टमेंट, शारदा अपार्टमेंट और कई अन्य अपार्टमेंटों की रजिस्ट्री में जो लीज प्लान लगाए गए हैं, उनमें अनेक जनसुविधाएं दर्शाई गई हैं। इनमें क्लब हाउस, स्वीमिंग पूल और अन्य तरह की सुविधाएं शामिल हैं। ये सुविधाएं अपार्टमेंट से गायब हैं। इनकी शिकायत रेरा में की जा चुकी है।

आवंटी के लिए बहुत बड़ी परेशानी लीज प्लान गड़बड़ होना

विराजखंड के 50 फीसद भूखंड में गड़बड़ लीज प्लान की परेशानी है। चौहद्दी गड़बड़ दर्ज होने की दशा में बैंक लोन देने से मना कर देते हैं। चौहद्दी को सही कराने में आवंटी को रजिस्ट्री की तरह पूरी प्रक्रिया नए सिरे से करनी पड़ती है। एलडीए में सचिव स्तर तक अनुमोदन होता है। सब रजिस्ट्रार ऑफिस में संशोधित विलेख (तितिम्मा) किया जाता है, जिसमें आवंटी का समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। कई बार उससे घूसखोरी किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।

क्‍या कहते हैं अफसर ? 

लविप्रा उपाध्यक्ष के प्रभु एन सिंह का कहना है कि वर्षों पहले कॉलोनियों के विकसित करते समय चौहद्दियों में बहुत गड़बडिय़ां की गई थीं। इनको एक साथ बदल पाना नामुमकिन है। जो केस आता है, उसमें तितिम्मा करवा दिया जाता है। 

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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