राज्य ब्यूरो, लखनऊ। महिलाओं और बेटियों को सशक्त व स्वावलंबी बनाने के लिए चल रहे 'मिशन शक्ति' अभियान का तीसरा चरण शुक्रवार से शुरू होगा। इसमें नवनिर्वाचित महिला ग्राम प्रधानों को भी जोड़ा जाएगा। ग्राम स्तर पर महिलाओं को सशक्त एवं जागरूक करने में महिला ग्राम प्रधान अहम भूमिका निभाएंगी। अभियान के अंतर्गत महिलाओं के उत्थान के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने गुरुवार को मिशन शक्ति की बैठक में कहा कि तीसरे चरण को स्वास्थ्य विभाग से जोड़ा जाएगा। महिलाओं, छात्राओं एवं अध्यापिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण तथा शारीरिक/मानसिक यौन शोषण के विषय में विधिक जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। मुख्य सचिव ने मिशन शक्ति से जुड़े विभागों को दिसंबर तक की साप्ताहिक कार्य योजना अगले दो दिनों में देने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि 'मिशन शक्ति' अभियान में महिलाओं को जागरूक एवं स्वावलंबी बनाने के लिए आम-जनमानस का भी अधिक से अधिक सहयोग प्राप्त किया जाए। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में अधिक से अधिक महिलाओं को भागीदार बनाकर उनके जीवन स्तर को उठाया जाए। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान में घरेलू महिलाओं को घर पर ही रहकर आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि 'मिशन शक्ति' पोर्टल को शीघ्र विकसित कराकर महिलाओं के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी इसमें अपलोड की जाए। औद्योगिक विकास विभाग महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति के रूप में व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जागरूकता गोष्ठी एवं कार्यशालाएं आयोजित कराए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सि‍ंह, प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार वी.हेकाली झिमोमी व मिशन निदेशक एनएचएम अपर्णा यू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Edited By: Anurag Gupta