लखनऊ, जेएनएन। उन्नाव जिले के माखी दुष्कर्म कांड में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 16 दिसंबर को फैसला आ सकता है। आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के स्वजनों की धड़कनें बढ़ गई हैं। घनिष्ठों और रिश्तेदारों के अलावा आम लोगों की निगाहें भी टिकी हैं।

पीड़िता के पिता की पिटाई और उनकी मौत के बाद तूल पकड़ने वाले इस मामले ने 20 माह में कई बार करवट ली। उन्नाव की लोअर कोर्ट से शुरू होकर रायबरेली सड़क हादसे के बाद मामला दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट तक पहुंचा। वहीं थाना पुलिस, एसआइटी और सीबीआइ तक ने जांच की। बीते दिनों सारी कार्रवाई, जांच, गवाही और सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित कर 16 दिसंबर को सुनाने के आदेश हुए। अब लोग फैसला जानने को बेताब हैं। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

20 माह से जेल में विधायक

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को करीब 20 माह पूर्व 13 अप्रैल 2018 को दुष्कर्म मामले में सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में है।

ये था पूरा मामला

उन्नवा जिले के माखी गांव निवासी एक किशोरी ने जून-2017 में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके साथियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आरोप के बाद किशोरी अचानक गायब हो गई। उसके घर वालों ने थाने में शिकायत की तो नौ दिन बाद वह औरैया के एक गांव में मिली थी।

कब-क्या हुआ

4 अप्रैल 2018 : पीड़िता के पिता को पीटा गया, पुलिस ने घायल के खिलाफ रिपोर्ट लिख अस्पताल भेजा।

5 अप्रैल 2018 : अस्पताल से पीड़िता के घायल पिता को जेल भेजा गया।

7 अप्रैल 2018 : विधायक, उसके भाई व अन्य पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर पीड़िता ने सीएम आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया।

8 अप्रैल 2018 : दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जेल से अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

9 अप्रैल 2018 : विधायक के भाई अतुल सिंह व अन्य पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

10 अप्रैल 2018 : विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज और हत्या के मामले में विधायक के भाई अतुल की गिरफ्तारी। 

11 अप्रैल 2018 : एसआइटी ने माखी गांव जाकर मामले की जांच की और रिपोर्ट सीएम को सौंपी। 

12 अप्रैल 2018 : सीबीआइ ने विधायक पर दुष्कर्म व सह आरोपित शशि ङ्क्षसह पर सहयोग का मुकदमा दर्ज किया। 

13 अप्रैल 2018 : रात में सीबीआइ ने विधायक को गिरफ्तार किया। 

14 अप्रैल 2018 : सीबीआइ द्वारा विशेष पॉक्सो कोर्ट में विधायक को पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेजा गया।

15 अप्रैल 2018 : सीबीआइ ने विधायक को रिमांड पर लिया। 

28 अप्रैल 2018 : रिमांड पूरी होने के बाद विधायक को जिला कारागार उन्नाव भेजा गया। 

8 मई 2018 : विधायक को उन्नाव जेल से सीतापुर भेजा गया। 

28 अगस्त 2019 : चाचा से मिलने रायबरेली जेल जाते समय पीड़िता की कार का एक्सीडेंट हुआ जिसमें पीड़िता और उसका वकील गंभीर घायल हुए, उसकी चाची और मौसी की मौत हो गई थी।

- सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और मामलों की सुनवाई दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में करने का आदेश दिया।

- आरोपित विधायक को सीतापुर से दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

26 अक्टूबर 19 : को विधायक के भाई मनोज सेंगर की मौत हो गई।

दुष्कर्म पीड़िता का चाचा भी जेल में 

20 नवंबर 2018 : मामले में पैरवी कर रहे पीडि़ता के चाचा को न्यायालय से वारंट होने पर माखी पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया।

22 नवंबर : उसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया। 

3 फरवरी 2019 : जिला कारागार से दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को रायबरेली जेल भेजा गया। जहां से सुरक्षा कारणों के चलते उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया। वर्तमान में भी वह वहीं बंद है।

Posted By: Umesh Tiwari

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