लखनऊ, जेएनएन। करीब पांच महीने बाद राजधानी के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड की मजिस्टीरियल जांच पूरी दाखिल कर दी गई है। मजिस्टीरियल जांच में भी प्रशांत चौधरी को हत्याकांड का मुख्य जिम्मेदार माना गया है। रिपोर्ट में बिना आर्म्स ट्रेनिंग प्रशांत चौधरी को पिस्टल जारी करने पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जिलाधिकारी ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है।

अपर नगर मजिस्टेट सलिल कुमार पटेल को 29 सितंबर को एपल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड की जांच सौंपी गयी थी। डीएम कौशल राज शर्मा ने मजिस्टीरियल जांच 15 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए थे। मगर जांच पूरी होने में लंबा समय लग गया। 15 फरवरी को मजिस्टीरियल ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में दाखिल की। 15 पृष्ठ की जांच रिपोर्ट में विवेक की पत्‍नी कल्पना तिवारी, पूर्व सहकर्मी सना, मुख्य आरोपित प्रशांत और सिपाही संदीप कुमार, सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले चीता मोबाइल सहित घटना से जुड़े तमाम पक्षों के बयान दर्ज किए गए। एसएसपी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक हत्या किसी साजिश का हिस्सा नहीं थी।

आवेश में प्रशांत ने विवेक को गोली मार दी। प्रशांत के साथ सिपाही संदीप कुमार था। मजिस्टीरियल जांच में भी संदीप के खिलाफ हत्याकांड में शामिल होने के साक्ष्य नहीं हैं।

क्या कहते हैं डीएम ?

लखनऊ डीएम कौशल राज शर्मा के मुताबिक, 28 सितंबर को हुए विवेक तिवारी हत्याकांड की मजिस्टीरियल जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कार्रवाई के लिए इसे एसएसपी को भेज दिया है। रिपोर्ट में जिन बिंदुओं को उठाया गया है उन पर पुलिस अपनी रिपोर्ट देगी।

20 दिसंबर को एसआइटी ने दाखिल की थी चार्जशीट

विवेक तिवारी हत्याकांड में सरकार की ओर से गठित एसआइटी ने 20 दिसंबर को आरोप पत्र दाखिल किया था। मुख्य आरोपित प्रशांत चौधरी के खिलाफ धारा 302 और संदीप कुमार की आइपीसी की धारा 323 के तहत मारपीट का आरोपी बनाया गया था। संदीप को जमानत मिल चुकी है।

 

प्रशांत ने दिया बयान, उसे पिस्टल चलाने की नहीं मिली थी ट्रेनिंग

मजिस्टीरियल जांच के मुताबिक मुख्य आरोपित प्रशांत चौधरी ने बयान में स्वीकार किया है कि उसके पास जो सरकारी पिस्टल थी उसे चलाने की ट्रेनिंग नहीं ली थी। उसके पास नाइन एमएमटी पिस्टल थी जिससे उसने विवेक तिवारी को गोली मारी थी। सिपाही को केवल एसएलआर और रायफल चलाने की ही ट्रेनिंग मिलती है और नियमानुसार यही दोनो असलहे रखने की अनुमति भी।

 

Posted By: Anurag Gupta

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