लखनऊ, जागरण संवाददाता। योजना का नाम स्मार्ट सिटी, लेकिन काम घटिया। जलनिगम के अभियंताओं ने कुछ ऐसा ही कारनामा किया है। सीवर लाइन डालने के बाद बनाई गई सड़क में मानकों की अनदेखी बारिश में दिखने लगी है। नगर निगम के सामने ही 50 मीटर में ही चार गड्ढे जलनिगम के भ्रष्टाचार की हकीकत को बता रहे हैं। जलनिगम ने सीवर लाइन डालने के बाद खोदी गई सड़कों को इस तरह से बनाया है कि वे खतरनाक साबित हो रही हैं। छह माह पहले ही जलनिगम ने नगर निगम के सामने सड़क को बनाया था।

बुधवार को नगर निगम के पुराने कंट्रोल रूम के सामने से गुजर रहे एक व्यक्ति का पांव सड़क में धंस गया। यह सड़क ऊपर से सही थी, लेकिन मिट्टी का भरान ठीक न होने से अंदर से पोली हो गई थी और पैर पड़ते ही धंस गई। घबराए व्यक्ति ने पैर निकाला और दोबारा किसी को कोई नुकसान न हो, इसलिए वहां ईंट रख दी। सड़क का धंसना जारी रहा और गुरुवार को यह सड़क बड़े हिस्से में धंसी नजर आई। यहां सीवर लाइन डालने के बाद ऊपर से पैचवर्क किया गया था। ठीक से पैचवर्क न किए जाने से अब बारिश में उसका असर दिख रहा है।

नगर निगम सदन में उठ चुका है मामला

25 जुलाई को नगर निगम सदन में जलनिगम की मनमानी का मामला उठ चुका है। आलमबाग क्षेत्र से पार्षद सुधीर मिश्र और श्रवण नायक ने यहां तक कहा था कि सीवर लाइन डालने के बाद जलनिगम द्वारा बनाई जा रही सड़कें धंस रही हैं। महापौर संयुक्ता भाटिया ने पार्षदों की तरफ से सीवर लाइन डालने और खोदी गई सड़कों को बनाने में मानकों की अनदेखी करने पर जलनिगम के अधिशासी अभियंता को नगर निगम सदन में तलब किया था।

Edited By: Vikas Mishra