गोंडा, संवाद सूत्र। इंटरनेट मीडिया ने वैसे कई सुविधाएं लोगों को दी है। वाट्सएप, फेसबुक सहित अन्य एप के जरिए लोग पल-पल पर नजर रख रहे हैं। इन सबके बीच इंटरनेट मीडिया का जाल परिवारों को भी तोड़ रहा है। आजकल पति-पत्नी के बीच तकरार की मुख्य वजह मोबाइल पर किसी से देर देर तक बात करना, किसी दूसरे से वाट्सएप से मैसेज या फेसबुक से चैटिंग बन रहा है। महिला थाने के पुलिस कर्मियों के अनुसार चार माह के भीतर 36 मामले आए हैं, इसमें सबसे अधिक समस्या इंटरनेट मीडिया से जुड़ी हुई है। पुलिस अधिकारी अब इसको लेकर जागरूकता की मुहिम चलाने की रणनीति बना रहे हैं।

केस-एक: दो सप्ताह पूर्व खरगूपुर में एक ऐसा ही मामला सामने आया था। पति दिल्ली रहकर कमाई करता था और उसकी पत्नी व दो बेटियां गांव में रहती थीं। पति का आरोप था कि जब भी वह अपनी पत्नी को फोन मिलाता था तो उसकी पत्नी का फोन व्यस्त रहता था। इसे लेकर उसे तरह-तरह के शक हुए। फोन पर अधिक करने को लेकर विवाद भी होता रहता था। पुलिस की जांच में पाया गया कि युवक ने इसी शक में अपनी पत्नी व दो बेटियों की गला दबाकर हत्या कर दी।

केस-दो: फोन पर अधिक समय तक व्यस्त रहने का एक मामला नगर कोतवाली के एक मुहल्ले से भी पुलिस के पास पहुंचा। इसमें पति का आरोप था कि उसकी पत्नी देर रात तक किसी से वाट्सएप व मैसेंजर पर चैट किया करती है। अक्सर फोन पर व्यस्त रहती है। पुलिस ने पति-पत्नी को समझाया। तब जाकर मामला सुलझा।

जांच कर होती है कार्रवाई: पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि घरेलू हिंसा व मारपीट के मामलों की जांच कर कार्रवाई कराई जाती है। इसके लिए परिवार परामर्श केंद्र व महिला पुलिस की अलग टीमें गठित की गई हैं। लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है।

Edited By: Rafiya Naz