लखनऊ, जागरण संवाददाता। राजधानी में डेंगू का प्रकोप लगाातार बढ़ रहा है। अब शायद ही कोई ऐसा मोहल्ला या कालोनी बची हो, जहां डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला हो। लखनऊ में अब तक इस सीजन में 480 डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। इससे इसकी भयावहता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। बारिश के बाद से मच्छरों की फौज लगातार बढ़ रही है। नगर निगम व मलेरिया विभाग की लापरवाही से कोरोना के बाद डेंगू महामारी फिर से उभर चुकी है। हालत यह है कि विभिन्न अस्पतालों के डेंगू वार्ड मरीजों से फुल हो गए हैं। लिहाजा अब दूसरे वार्डों को खोलकर उनमें डेंगू मरीजों की भर्ती की जा रही है। 

लोकबंधु अस्पताल में गुरुवार को कुल भर्ती डेंगू मरीजों का आंकड़ा 40 पाया गया है। यहां पहले 27 डेंगू मरीजों को ही भर्ती करने की सुविधा थी। चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि अब कोरोना वार्ड में डेंगू मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जो भी मरीज आएंगे, सभी को इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं बलरामपुर अस्पताल भी डेंगू मरीजों से फुल हो गया है। यहां 20 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इनमें से सात मरीज एलाइजा पॉजिटिव हैं। सिविल अस्पताल के निदेशक डा. एसके नंदा ने बताया कि हमारे यहां पुरुष वार्ड में 10 व महिला वार्ड में छह समेत कुल 16 डेंगू मरीज भर्ती हैं। इसके अतिरिक्त लोहिया, भाऊरावदेवरस व रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में भी काफी संख्या में डेंगू मरीज भर्ती किए गए हैं।

वृंदावन कॉलोनी व लौंगा खेड़ा में भी फैला डेंगू: वृंदावन कॉलोनी सेक्टर पांच- ई व खारिका के लौंगा खेड़ा में डेंगू से 10 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं।इसमें वृन्दावन के पांच वर्षीय शीया द्विवेदी व रमेश कुमार को डेंगू ने चपेट में ले लिया है, जिनका इलाज पास के निजी अस्पताल से चल रहा है। लौंगा खेड़ा में 10 लोग डेंगू की चपेट में हैं, जिनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आसपास व नालियों में पानी भरा है, जिसके चलते मच्छर का प्रकोप बढ़ रहा है। शिकायत के बाद भी नगर निगम व मलेरिया विभाग दवा का छिड़काव नहीं कर रहा। कुछ दिन पहले ही पास के ही नटखेडा में डेंगू फैल गया था। 

मच्छरों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 18 तारीख से टीम घर-घर जाकर बुखार के मरीजों में डेंगू-मलेरिया की जांच कराएगी। -डा. केपी त्रिपाठी, एसीएमओ, लखनऊ

Edited By: Vikas Mishra