लखनऊ, (संदीप पांडेय)। सरकार की होम आइसोलेशन की नीति रंग ला रही है। कई मरीजों ने घर पर रहकर ही कोरोना को हरा दिया है। ऐसे में न सिर्फ अस्पतालों का बोझ घटा, बल्कि लोगों को मानसिक तनाव से भी राहत मिली है। राजधानी में मंगलवार तक 14 हजार 463 मरीज पॉजिटिव पाए गए। वहीं, कोरोना के बढ़ते प्रकोप से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराने लगीं। बड़ी संख्या में बिना लक्षण वाले मरीज निकल रहे थे। इन्हेंं बगैर किसी दिक्कत के ही अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ रहा था। सरकार ने सूबे में होम आइसोलेशन की घोषणा की। ऐसे में 21 जुलाई से बिना लक्षण वाले मरीज घर पर आइसोलेट होने लगे। सीएमओ डॉ. आरपी सिंह के मुताबिक, अब तक 6600 कोरोना पॉजिटिव होम आइसोलेशन किए गए। इसमें 2600 ने वायरस से छुटकारा पा लिया।

10 दिन तक रखनी होती है बुखार पर नजर

सीएमओ डॉ. आरपी सिंह के मुताबिक, होम आइसोलेशन में भर्ती मरीज को दस दिन तक सेहत पर नजर रखनी होती है। इस दौरान बुखार, सांस लेने में तकलीफ नहीं हुई तो वह निगेटिव मान लिया जाता है। इसके बाद वह सात दिन तक होम क्वारंटाइन में रहता है। इस दौरान मरीज गुनगुना पानी, काढ़ा, पौष्टिक आहार का सेवन करते हैं। वहीं, आवश्यता होने पर विटामिन सी, विटामिन डी व अन्य दवाएं भी डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं।

घर पर मरीज इन बातों का रखें ध्यान

  • होम आइसोलेशन में रोगी को हर समय त्रिस्तरीय मास्क पहनना होगा।
  • मास्क को आठ घंटे के प्रयोग के बाद बदलना होगा।
  • मास्क को रोगी एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड से साफ करेगा।
  • घर में चिह्नित किए गए कमरे में ही रहेगा। घर में बुजुर्ग व गंभीर रोगियों से दूर रहेगा।
  • हाथों को 40 सेकंड तक साबुन और पानी से धोना होगा। इसके लिए एल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर का भी प्रयोग किया जा सकता है।
  • रोगी अपनी व्यक्तिगत वस्तुएं किसी से साझा नहीं कर सकता है।
  • कमरे में संपर्क में आने वाली वस्तुएं जैसे मेज, दरवाजे की कुंडी, हैंडल आदि को सोडियम हाइपोक्लोराइड से साफ करना होगा।
  • रोगी को चिकित्सक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा।
  • रोगी को प्रतिदिन अपने शरीर का तापमान मापना होगा। 

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