लखनऊ, [राजीव बाजपेयी]। बचपन में ही मां-बाप का साया छिन गया। मम्मी-पापा, दादा-दादी और नाना-नानी के रिश्तों का मर्म कभी महसूस नहीं किया। ऐसे निराश्रित बच्चों की जिंदगी में बड़ों का प्यार और दुलार लौटाने की प्रशासन की कोशिश है। इसके लिए लखनऊ में थीम पार्क बनाया जा रहा है, जहां सीनियर सिटीजन के साथ-साथ निराश्रित बच्चों को भी रखा जाएगा।  

महिला कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने मोहान रोड पर भवन निर्माण के लिए फिलहाल बीस हजार स्कवायर फुट जमीन आवंटित कर दी है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्रीप्रकाश गुप्ता का कहना है कि थीम पार्क के लिए जमीन चिह्नित कर आवंटित कर दी गई है। अगर और जमीन की जरूरत होगी तो वह भी दी जाएगी। जल्द ही जमीन महिला कल्याण विभाग को स्थानांतरित कर दी जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वेश पांडेय का कहना है कि बच्चों को बड़ों का प्यार मिले और जो बुजुर्ग अपनों से दूर हैं, उनको बच्चों का साथ मिले, हमारी यही कोशिश है। बड़ों के साथ रहने से बच्चों में संस्कार पैदा होंगे, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। अब तक ओल्ड ऐज होम्स और बच्चों के लिए बालगृह अलग-अलग बनाए जाते रहे हैं। 

पचास-पचास की होगी क्षमता

जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि फिलहाल पचास-पचास बिस्तरों की क्षमता वाला थीम पार्क बनाया जा रहा है। यहां पर आवास के अलावा अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इनमें प्ले ग्राउंड से लेकर ग्रीन लैंड तक का विकास किया जाएगा, ताकि बेहतरमाहौल में बच्चों का  विकास हो। थीम पार्क के लिए जमीन मिल गई है। जल्द ही बिल्डिंग निर्माण के लिए बजट मांगा जाएगा। इसके अलावा गोसाईगंज में कृष्ण कुटीर बनाने का प्रस्ताव है। इसमें पांच सौ महिलाओं को रखने की क्षमता होगी। निराश्रित महिलाओं को यहां  स्वरोजगार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

Posted By: Anurag Gupta