लखनऊ, जेएनएन। प्रदेश में पॉलीवाल समिति की मंजूरी के बाद राजधानी में 22 दिसंबर को होने वाली पहली प्रतियोगी परीक्षा टीईटी की होगी। यहां परीक्षा में करीब 70 हजार परीक्षार्थी प्रतिभाग करेंगे। इसके लिए प्रस्तावित 80 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। 

यह सभी केंद्र राजधानी के प्रमुख चौराहों, बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन के करीब पांच किमी. के दायरे में होंगे। ताकि गैर जनपद से आने वाले परीक्षार्थियों को दिक्कतें न हों। यह जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी के यहां बैठक हो चुकी है। सुरक्षा के इंतजाम एसएसपी के लिए जिलाप्रशासन से एसएसपी को कहा गया है। 

चार वर्ग में बनाए गए परीक्षा केंद्र

डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि ए,बी,सी और डी चार कैटेगरी में केंद्र बनाए गए हैं। ए कैटेगिरी में अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑन रोड वाले राजकीय कॉलेज, निजी इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और टॉप निजी कॉलेज शामिल होंगे। प्रत्येक जनपद के प्रमुख चौराहों, बस और रेलवे स्टेशन के आसपास यह संस्थान होते हैं। इसके बाद अन्य को बी, सी और डी कैटेगरी में रखा गया है। अगर परीक्षार्थी अधिक हैं तो फिर बी, सी और डी कैटेगरी के विद्यालयों में परीक्षार्थी शिफ्ट किए जाएंगे। 

शहर के टॉप स्कूल ही बन सकेंगे केंद्र, खत्म होगी मनमानी 

शहर के नामचीन विद्यालय, शिक्षण संस्थान ही अब केंद्र बन सकेंगे। इसके साथ ही पहले जो विद्यालय प्रबंधक अपने बूते सेटिंग करके केंद्र बनवा लेते थे उनकी मनमानी खत्म होगी। क्योंकि यह विद्यालय प्रबंधक परीक्षाएं कराने का रुपया ले लेते थे और अपने शिक्षकों को अतिरिक्त ड्यूटी के नाम पर बुलाकर उनके बूते परीक्षा कराते थे और रुपया अपनी जेब में रख लेते थे। 

Posted By: Divyansh Rastogi

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