लखनऊ, जागरण संवाददाता। एनआइए द्वारा कानपुर से पकड़े गए पीएफआइ सदस्य साजिद और जावेद ने लखनऊ में बैठक कर प्‍लान‍िंंग की थी। दोनों ने कुछ अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अयोध्या में धमाके की साजिश रची थी। इसके लिए वहां की रेकी भी हुई थी। हालांकि पूर्व में एनआइए के इनपुट पर एटीएस, एसटीएफ और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की सक्रियता के कारण यह अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकें।

गिरफ्तार आरोपितों के पास से बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स में खुफिया एजेंसियों को साक्ष्य भी मिले हैं। यह लोग दीवाली और देव दीवापली पर अयोध्या में धमाकों की साजिश रच रहे थे। एनआइए के इनपुट इंदिरानगर से गिरफ्तार पीएफआइ प्रदेश अध्यक्ष वसीम अहमद, खदरा से पकड़े गए आल इंडिया उलमा काउंसिल के अध्यक्ष अहमद बेग से साजिद और जावेद के संबंध थे। खुफिया एजेंसी को जावेद और साजिद से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। अब दोनों का लखनऊ कनेक्शन खंगाला जा रहा है। वसीम और अहमद बेग के अलावा इनसे जुड़े अन्य लोगों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।

इनपुट के बाद एयरपोर्ट से शहर के अंदर बढ़ी थी सक्रियता

एटीएस ने जब पीएफआइ प्रदेश अध्यक्ष वसीम अहमद को गिरफ्तार किया तो उसके पास से देश विरोधी जो साक्ष्य मिले तो खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए। जिसके बाद एटीएस, एसटीएफ और पुलिस कमिश्नरेट ने सक्रियता बढ़ा दी। एयरपोर्ट पर आने जाने वाले लोगों पर नजर रखी जाने लगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर सीमांचल बिहार और नेपाल से सटे जिलों तक छापेमारी की गई। पीएफआइ से जुड़े तमाम लोग नेपाल भाग गए। वहीं, बीकेटी, बहराइच और अन्य जिलों से दर्जनों लोग गिरफ्तार किए गए। तमाम तो कार्रवाई के बाद भूमिगत हो गए थे। खुफिया एजेंसियों और पुलिस की सक्रियता से धमाकों की साजिश नाकाम हो गई थी।

Edited By: Anurag Gupta

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