लखनऊ। लंबे नाटक के बाद आज आखिरकार समाजवादी पार्टी के फायरब्रांड नेता तथा कैबिनेट मंत्री आजम खां की पत्नी तजीन फात्मा के साथ प्रोफसर राम गोपाल यादव तथा चार अन्य से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा अन्य कैबिनेट मंत्री मौजूद थे, लेकिन आजम खां गायब रहे।

समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दिन में करीब 11:30 बजे तक विधानभवन नामांकन कराने पहुंचे थे। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव तथा राजेंद्र चौधरी भी मौजूद थे। प्रोफेसर रामगोपाल यादव, आजम खां की पत्‍‌नी तजीन फात्मा, झांसी के डा.चंद्रपाल सिंह यादव, लखीमपुर खीरी के पूर्व सासद रवि प्रकाश वर्मा, बलिया के पूर्व सांसद तथा स्वर्गीय चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर और सम्भल के जावेद अली खान ने आज अपना पर्चा दाखिल किया। आजम खां की पत्नी तजीन फात्मा आज सुबह रामपुर से लखनऊ पहुंचीं।

गौरतलब है राज्यसभा के लिए खाली होने जा रही प्रदेश की दस सीटों में से छह सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के खाते में रहेगी।

भाजपा का फैसला दिल्ली में अटका

राज्यसभा के लिए भाजपा की ओर से एक प्रत्याशी जीतने की स्थिति में है परन्तु पार्टी की ओर से कल देर रात तक पत्ते नहीं खोले गए। सूत्रों का कहना है, प्रदेश नेतृत्व को हाशिए पर कर टिकट का फैसला दिल्ली से किया जाएगा। प्रत्याशी के नाम पर चर्चा करने को प्रदेश के स्तर पर कोई बैठक भी आयोजित नहीं की गई। उधर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को उप्र से राज्यसभा में भेजने के लिए संगठन में लामबंदी होने लगी है। विधानमंडल दल नेता सुरेश खन्ना का कहना है कि अमित शाह प्रदेश से प्रतिनिधित्व करे तो स्वागत किया जाएगा।

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