कानपुर (जेएनएऩ)। पद्मभूषण रामानंदाचार्य जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने 6 दिसंबर 2018 तक अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण का दावा किया है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ एक योगी और चार वर्णों के प्रतिनिधि हैं। प्रदेश की कमान उनके हाथ में आई है। वहीं मंत्रीमंडल का अभी बंटवारा नहीं हुआ और इलाहाबाद में दो बूचडख़ाने बंद हो गए।

निराला नगर स्थित इंद्रा पार्क में रामाभिराम सेवा संस्थान की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उन्होंने कहा कि अब श्रीराम मंदिर के निर्माण में कोई अड़चन नहीं आएगी। भगवान भक्त वत्सल हैं। अश्वस्थामा ने जब उत्तरा के गर्भस्थ शिशु को मारने के लिए ब्रह्मस्त्र का प्रयोग किया तो भगवान ने सुदर्शन चक्र को पांडवों की रक्षा के लिए भेजा और स्वंय उत्तरा के गर्भ में प्रवेश कर गए। प्रभु ने उत्तरा के गर्भस्थ शिशु परीक्षित को गर्भ में ही दर्शन दिए।

आगे उन्होंने बताया कि जब विदुर जी घर छोड़कर तीर्थ पर जाना चाहते थे तो उन्होंने पहले भागवत कथा सुनना आवश्यक समझा। प्रत्येक मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। इससे पापों का शमन होता और दुखों का अंत होता है। महाराज जी ने बालक धु्रव की कथा सुनाई। पिता ने गोद में नहीं बैठाया तो धु्रव ने कठोर तप प्राप्त कर भगवान की गोद प्राप्त कर ली। ध्रुव की तपस्या से प्रसन्न होकर मात्र छह माह में ही सहस्त्रमुख वाले भगवान ध्रुव को गोद में उठा लिया।

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