लखनऊ, जेएनएन। केंद्रीय टीम ने सार्वजनिक और सामुदायिक पचास शौचालयों में इंतजामों को परख कर लिया है। वैसे तो शहर में सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की संख्या 350 है लेकिन टीम ने ऊपर से तुरंत मिले आदेश के तहत ही शौचालयों को देखा। गोपनीय तरह से होने वाली इस पड़ताल में टीम को भी नहीं पता होता है कि किस लोकेशन पर पहुंचना है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत टीम ने अब ओडीएफ-प्लस पर नजर दौड़ाई। इसमे सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों में सुविधाओं के साथ ही शिकायत पेटिका भी होना अनिवार्य है। इसी तरह शहर में खुले में शौच तो नहीं हो रहा है तो सीवेज ट्रीटमेंट प्लान का संचालन सही से हो रहा है कि नहीं। टीम ने वहां पानी का इंतजाम के साथ ही हाथ धोने की व्यवस्था को भी देखा। टीम ने गूगल टॉयलेट लोकेटर को भी देखा। टीम कई बैरल पर भी गई और वहां से यह देखा कि खुले में शौच तो नहीं हो रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में ओडीएफ-प्लस में पचास नंबर मिलने हैं और अगर यहां नगर निगम की रैकिंग कम हुई तो गॉरबेज फ्री सिटी की रैकिंग में भी नगर निगम नीचे उतर जाएगा और थ्री और फाइव स्टार पाने की उम्मीद पूरी नहीं हो पाएगी।

सफाई की निगरानी हो चुकी है: कोरोना संक्रमण के चलते स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की गाड़ी बहुत लेट चल रही है। मार्च में सफाई की निगरानी करने के लिए टीम यहां आई थी और इस बार टीम में 21 विशेषज्ञ शामिल थे। हालांकि टीम के यहां आने की जानकारी नगर निगम के अफसरों तक को नहीं हो पाई थी। टीम ने हजरतगंज, आलमबाग, भूतनाथ मार्केट में जाकर वहां की रात्रि सफाई व्यवस्था को देखा था।

नई टीम को मिली थी जिम्मेदारी: वैस एक जनवरी से केंद्रीय टीम को स्वच्छता का सर्वेक्षण करना था लेकिन, कोरोना के चलते उसे एक मार्च से 28 मार्च के बीच कर दिया गया था

इस फीडबैक पर मिलेगा नंबर

  • आपको मालूम है कि आपका शहर स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में शामिल है।
  • आप अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को कितना नंबर देंगे
  • सार्वजनिक और व्यवसायिक क्षेत्र में सफाई इंतजाम पर कितना नंबर देंगे।
  • गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग देने के लिए सफाई कर्मी कहते हैं कि नहीं।
  • गूगल टॉयलेट लोकेटर और गूगल स्वच्छता एप के बारे में जानकारी है कि नहीं

इन पर भी मिलेंगे नंबर

  • गॉरबेज फ्री सिटी पर ओडीएफ प्लस और ओडीएफ प्लस-प्लस
  • शौचालय का उपयोग कैसे हो रहा है।
  • घर घर से कूड़ा छंटाई के साथ लिया जा रहा है कि नहीं।

शौचालय और एसटीपी प्लांट पर 500 अंक

  • आवासीय, अनावासीय क्षेत्र में सफाई, कूड़ा घर, वॉटर बॉडी, नाला नाली की सफाई 1200 अंक
  • कूड़ा प्रबंधन सिस्टम की पड़ताल
  • 11 सौ अंक

वाटर प्लस की टीम सेफ्टिक टैंक जांच करेगी

  • 200 सौ अंक
  • स्वच्छ सर्वेक्षण देश में लखनऊ की रैंकिंग
  • 2017 में 269 वां स्थान
  • 2018 में 115 वां स्थान
  • -2019 में 121वां स्थान
  • 2020 में 12 वां स्थान
  • 2020 में 12 वां स्थान