लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू में सीनियर छात्र बेलगाम हैं। वह खुलेआम कैंपस में रैगिंग कर रहे हैं। उन्होंने आधा दर्जन से अधिक जूनियर छात्रों को पार्किंग में मुर्गा बना दिया। बावजूद, अफसर मामले को दबाए रहे। ऐसे में पीडि़तों ने लिखित शिकायत की। आखिर में 13 सीनियर को निलंबित कर दिया गया।

केजीएमयू में एमबीबीएसएस 2017 के छात्रों की कई दिनों से रैगिंग हो रही थी। इन पर वर्ष 2015 व 2016 के एमबीबीएस छात्र जुल्म ढा रहे थे। क्लास, मेस से लेकर कैंपस में चलना-फिरना तक दूभर हो गया था। झुंड में पहुंचकर सीनियर छात्रों का खुलेआम गाली-गलौच करना आदत बन गई थी। आरोप है कि 12 व 13 मई की रात को जूनियर छात्रों को एसपीएम विभाग के पास रोका गया। यहां झुंड में मौजूद 2015 व 2016 बैच के छात्रों ने दबंगई की। साथ ही आठ जूनियर छात्रों को पार्किंग में मुर्गा बनाया। इन छात्रों ने लिखित में प्रॉक्टर से शिकायत की। इसके बाद कार्रवाई हुई।

कुलपति कार्यालय से 40 कदम पर, नियम तार-तार 

एसपीएम विभाग की पार्किंग कुलपति कार्यालय के बगल में है। यहां 24 घंटे गार्ड तैनात रहते हैं। करीब 40 कदम दूरी पर सीनियर छात्र जूनियर पर कहर ढाते रहे। वहीं सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी।

खाली करें हॉस्टल, कक्षाओं पर रोक

प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा के मुताबिक 13 छात्रों को रैगिंग के आरोप में कार्रवाई की गई है। ऐसे में 24 घंटे के भीतर उन्हें हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कक्षाओं में प्रवेश के साथ-साथ जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।

यह करेंगे जांच

डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. जीपी सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें डॉ. अनूप वर्मा, डॉ.आनंद श्रीवास्तव, प्रो. सुजाता देव, प्रो. नंदलाल भी शामिल हैं। 

इन छात्रों पर की कार्रवाई

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक 13 छात्र निलंबित किए गए। इसमें वर्ष 2016 बैच के प्रखर, स्रजल, ऋषि, उत्कर्ष, दिलीप कुमार, क्षितिज, सुशांत, अनुराग, गोपाल, सचिन, अंशुल हैं। वहीं एमबीबीएस बैच 2015 के प्रखर कुमार, सूर्यांश पर कार्रवाई की गई है। 

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Posted By: Anurag Gupta

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