लखनऊ[ऋषि मिश्र]। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने प्रधानमंत्री आवास की पात्रता की पहले जारी की गई सूची वेबसाइट से हटा दी है। शनिवार सुबह नई सूची वेबसाइट अपलोड की गई। यह बदलाव जागरण में समाचार प्रकाशन 'सूडा ने लीक किया डाटा' के बाद आला अधिकारियों के निर्देश पर किया गया। लखनऊ शहर के लगभग 1.40 लाख लोग शामिल हैं। इनमें से 60 फीसद महिलाएं हैं। नई सूची में केवल आवेदक और उसके पिता या पति का नाम है। बता दें, कुछ दिन पहले सूडा द्वारा जारी सूची में पंजीकरण कराने वाले लोगों के सूची में दर्ज आधार नंबर, उनका पता, पिता व पति का नाम और मोबाइल नंबर तक दे दिया था। यह निजी डाटा कोई भी देख सकता है। सूडा ने डाटा लीक से हुआ आइटी-एक्ट 2011 का उल्लंघन

ये आइटी-एक्ट 2011 का उल्लंघन है। किसी का भी निजी डाटा लेकर किसी से साझा या व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। सूडा ने एक साल में पाच हजार पन्नों की सूची तैयार की। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया था। कुछ दिन पहले सूडा ने अंतिम पात्रता सूची को अपनी वेबसाइट पर डाल दिया। इसमें व्यक्तिगत जानकारिया भी थी,जिसको कोई भी आसानी से डाउनलोड कर सकता था।

यह साइबर विशेषज्ञ बोले- सूडा ने पूरी तरह से किया गलत

लोहिया विधि विश्वविद्यालय में कार्यरत साइबर विशेषज्ञ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमनदीप सिंह का कहना था कि इस तरह से निजी डाटा का प्रकाशन आइटी एक्ट-2011 में अपराध है। इसके तहत न तो निजी डेटा को साझा किया जा सकता है और न ही उसका व्यवसायिक उपयोग ही हो सकता है।

क्या कहना था अधिकारी का?

सूडा सहायक परियोजना अधिकारी योगेश आदित्य का कहना था कि आवास विकास परिषद में जब पंजीकरण शुरू किया गया तब लोगों और परिषद की सुविधा के लिए इस सूची को वेबसाइट पर अपलोड किया गया। डेटा लीक करने को लेकर हमको जानकारी नहीं है।

Posted By: Jagran