Move to Jagran APP

सुभासपा बदलना चाहती है अपना चुनाव चिह्न छड़ी, पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अपने नेताओं से मांगी राय

सुभासपा चुनाव चिह्न छड़ी बदलना चाहती है। पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने इसके लिए अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं से राय मांगी है। चुनाव चिह्न बदलने के पीछे असली वजह इस बार घोसी में मूल निवासी समाज पार्टी को चुनाव चिह्न हॉकी मिल गया जो सुभासपा के निशान छड़ी से मिलता-जुलता था। पार्टी कहा कहना है कि उसके समर्थक चुनाव चिह्न एक जैसा होने के कारण भ्रमित हो गए।

By Shobhit Srivastava Edited By: Shivam Yadav Mon, 17 Jun 2024 12:47 AM (IST)
सुभासपा बदलना चाहती है अपना चुनाव चिह्न छड़ी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अपना चुनाव चिह्न छड़ी बदलना चाहती है। पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने इसके लिए अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं से राय मांगी है। 

चुनाव चिह्न बदलने के पीछे असली वजह इस बार घोसी में मूल निवासी समाज पार्टी को चुनाव चिह्न हॉकी मिल गया जो सुभासपा के निशान छड़ी से मिलता-जुलता था। पार्टी कहा कहना है कि उसके समर्थक चुनाव चिह्न एक जैसा होने के कारण भ्रमित हो गए।

निर्दलीय को मिले 47,527 वोट

दरअसल, एनडीए की सहयोगी सुभासपा को घोसी लोकसभा सीट मिली थी। इसमें ओम प्रकाश राजभर ने अपने बेटे अरविन्द राजभर को लड़ाया था। उनका चुनाव निशान छड़ी था, जो ईवीएम में ऊपर से तीसरे नंबर पर था। यहां पर मूलनिवासी समाज पार्टी की प्रत्याशी लीलावती राजभर भी मैदान में थीं और उन्हें चुनाव आयोग ने हॉकी चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया। यह ईवीएम में नीचे से तीसरे नंबर पर था। लीलावती को इस चुनाव में 47,527 वोट मिले।

सुभासपा के प्रवक्ता अरुण राजभर का मानना है कि उनका वोट गफलत में लीलावती को मिल गया है। सुभासपा ने अपने मतदाताओं को बताया था कि ईवीएम में ऊपर से तीसरे नंबर पर उनका चुनाव निशान छड़ी है। 

चूंकि छड़ी और हॉकी मिलते जुलते चुनाव चिह्न थे, इसलिए सुभासपा के मतदाता गलती से हॉकी का बटन दबा आए। अरुण ने कहा कि जल्द ही पार्टी चुनाव आयोग में पत्र लिखकर हॉकी चुनाव निशान आवंटित न करने के लिए आग्रह करेगी, यदि यह संभव न हुआ तो पार्टी अपना चुनाव चिह्न बदलवाएगी।

यह भी पढ़ें: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी मां सावित्री देवी का जाना स्वास्थ्य हाल, करीब 30 मिनट साथ बिताया

यह भी पढ़ें: अखिलेश के संसद जाने के बाद… कौन संभालेगा कुर्सी! इन तीन नामों पर चल रहा मंथन, सपा कर रही ‘मौके’ का इंतजार