लखनऊ, जेएनएन। सावधान..। खासकर वे लोग, जो नाबालिग बच्चों को वाहन थमाकर जिम्मेदारी से आंखें फेर रहे हैं। फिर ये भी जान लें कि सड़क पर बच्चों का किया जुर्म संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आपको कानूनी पचड़े में फंसा देगा। राजधानी में इसकी पहली नजीर भी सामने आ गई। रविवार को एक नाबालिग ने बाइक से टक्कर मारकर सिपाही को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में तुरंत ही आरोपित के खिलाफ संशोधित एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। कहने को फिलहाल यह कार्रवाई नाबालिग के खिलाफ है मगर, चोट उसके पापा (वाहन स्वामी) पर भी पड़ेगी। आरोप साबित होने पर उन्हें भी जुर्माना या सजा भुगतनी होगी।

यातायात पुलिस के हेड कांस्टेबल ने दर्ज कराई रिपोर्ट

घटना जियामऊ मोड़ की है। रविवार शाम वीआइपी मूवमेंट के चलते पीजीआइ एकता नगर में रहने वाले यातायात पुलिस के हेड कांस्टेबल सूर्य प्रकाश (58) की ड्यूटी लगी थी। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) से लौट रहे मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार के मंत्रियों को वहां से गुजरना था। जैसे ही काफिला 1090 चौराहे पर पहुंचा, सभी यातायात सिपाहियों को अलर्ट कर दिया गया। इस बीच जियामऊ मोड़ पर सूर्य प्रकाश बीच सड़क पर चल रहे तीन बाइक सवारों को हटाने के लिए दौड़े। तभी तेज रफ्तार आए बाइक सवार किशोर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनका हाथ व पैर टूट गया। लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में सिपाही की तहरीर पर पुलिस ने संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। गाड़ी नंबर के आधार पर चालक भी हत्थे चढ़ा मगर, जांच में वह नाबालिग निकला। ऐसे में उसे मुचलका भरवाकर जमानत दे दी गई। अब पुलिस जेजे बोर्ड (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) में रिपोर्ट पेश करेगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। 

जुर्माना भरने के साथ जेल भी जाना पड़ सकता है

यह जुर्म बेशक बेटे के हाथ हुआ है मगर, कार्रवाई की तलवार उसके पापा पर भी लटक गई है। संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199-अ के तहत किशोर का संरक्षक या मोटरयान स्वामी उस उल्लंघन का दोषी माना जाएगा। किशोर का किया अपराध दंडनीय होगा। इसके साथ ही उपधारा दो के तहत संरक्षक को तीन वर्ष तक का कारावास और 25 हजार जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, प्रयुक्त वाहन की 12 माह तक के लिए वैद्यता रद होगी। किशोर का लाइसेंस 25 साल की उम्र से पहले नहीं बन सकेगा।

क्या कहते हैं अफसर ?

एसपी यातायात पूर्णेदु सिंह के मुताबिक, नाबालिग चालक की टक्कर से यातायात सिपाही का हाथ-पैर टूट गया। यह नए नियम कानून के तहत दर्ज पहला मुकदमा है। चूंकि, आरोपित नाबालिग है, इसलिए आगे की कार्रवाई जेजे बोर्ड करेगा।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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