लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों की समीक्षा की। डीजीपी ने कहा कि जिन स्थानों पर बार-बार शिकायतें आ रही हैं, ऐसे व्यक्तियों व संस्थाओं को चिह्नित कर स्थानीय थाना स्तर से उनके खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। डीजीपी ने सभी एसएसपी/एसपी को ऐसी शिकायतों की मानीटरिंग के निर्देश भी दिए।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने शुक्रवार को यूपी 112 मुख्यालय में आ रही शिकायतों और योजनाओं की समीक्षा की। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर शुरू किए गए अभियान पर उनका खास फोकस रहा। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने यूपी 112 के कर्मियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। एडीजी 112 असीम अरुण ने बताया कि बोर्ड परीक्षा शुरू होने के बाद प्रतिदिन औसतन 800 शिकायतें आ रही हैं। वाराणसी में ध्वनि प्रदूषण की शिकायत पर एक होटल के डीजे को सीज भी किया गया है।

एडीजी 112 असीम अरुण ने बताया कि सवेरा योजन के तहत अब तक करीब सात लाख वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण किया गया है। इनमें करीब साढ़े चार लाख वरिष्ठ नागरिकों के घर पुलिसकर्मियों ने जाकर उनसे मुलाकात की है। वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा रही है। पुलिस अब पिछले एक सप्ताह में आई ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों की समीक्षा कर रही है कि कहां से बार-बार शिकायतें आ रही हैं।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों के विशेष प्रशिक्षण व उनके व्यवहार को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लोगों से पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि यूपी 112 से 1090 के इंटीग्रेशन के साथ ही जल्द ही कुछ अन्य योजनाओं को भी शुरू किया जाएगा। डीजीपी ने पुलिस के रिस्पांस टाइम को और बेहतर करने के भी निर्देश दिए।

Posted By: Umesh Tiwari

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