लखनऊ, जेएनएन। जिस चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर देश में सबसे तेज एयर ट्राफिक बढ़ रहा है। वहां बदलते हालात में सुरक्षित और तेज एयर ट्राफिक कंट्रोल में एटीसी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। रविवार को एयर ट्राफिक कंट्रोल (एटीएस) दिवस है।

लखनऊ एयरपोर्ट पर रोजाना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय 140 से अधिक विमानों का ऑपरेशन होता है। इस एयरपोर्ट पर सबसे अधिक 25 प्रतिशत से अधिक यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। टर्मिनल तीन बनने के बाद अगले चार साल में यहां का ट्रैफिक दो गुना से अधिक होगा। लखनऊ एयरपोर्ट पर कैट तीन इंस्ट्रुमेंटल लगने से जहां एटीसी घने कोहरे में भी विमानों की लैंडिंग कराने में कामयाब हो रहा है। वहीं राडार लगने से अब आसमान में एक के पीछे एक विमानों की लाइन एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए नहीं लग रही है।

अमौसी एयरपोर्ट के डीजीएम एटीसी व इंस्ट्रक्टर संजय नारायण बताते हैं कि 20 अक्टूबर 1961 को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स एसोसिएशन का गठन किया गया था। इसके अंतर्गत ही भारत के एयरपोर्ट के एटीसी में कंट्रोलर 24 घंटे काम करते हैं। सरकार की उड़ान जैसी महत्वपूर्ण स्कीम को लागू करने में भी दक्ष कंट्रोलर्स का अहम योगदान होता है। एटीसी की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकी को साल दर साल जोड़ा जा रहा है। एटीसी लखनऊ में ही रडार आधारित कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। आटोमेटिक डिपेंडेंट सर्विलांस ब्रॉडकास्ट सर्विस और एडवांस सरफेस मूवमेंट कंट्रोल गाइडेड सिस्टम लखनऊ एयरपोर्ट के लिए अहम हैं। एटीसी दिवस पर रविवार को पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा।

 

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