लखनऊ। अगर आपके आसपास कहीं बाल विवाह हो रहा है तो उसे रोकने के लिए थाने या कचहरी के चक्कर लगाने की अब जरूरत नहीं है। लखनऊ जिला प्रशासन ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए अनोखी पहल करते हुए कलेक्ट्रेट स्थित जनसुविधा केंद्र पर हेल्प लाइन शुरू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही डीएम की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया है जो बाल विवाह से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी। दैनिक जागरण 'पहल' द्वारा यूनीसेफ के सहयोग से आयोजित 'ओरिएंटेशन कम सेनेटाइजेशन वर्कशाप ऑन चाइल्ड मैरिज कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राजशेखर ने बाल विवाह पर शतप्रतिशत रोकथाम के लिए हेल्पलाइन शुरू करने का निर्णय किया है। डीएम ने शासन को पत्र लिखकर बाल विवाह के संबंध में जागरूकता फैलाने वाले अफसरों, एनजीओ और मीडियाकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक राज्य स्तरीय पुरस्कार शुरू करने की भी सिफारिश की है।

दिन भर चला मंथन

जागरण पहल और यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित वर्कशॉप में बाल विवाह को लेकर दिन भर विमर्श हुआ। प्रशासनिक व पुलिस अफसरों के अलावा सामाजिक संगठनों व कानून के जानकारों ने तीन सत्रों में मंथन किया, जिसमें बाल विवाह से जुड़े अनेक पक्ष सामने आए। आम राय बनी कि गांवों में शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता लाए बिना इस कुप्रथा पर लगाम लगाना केवल कानून के भरोसे संभव नहीं। पहले सत्र में जिलाधिकारी राजशेखर, दैनिक जागरण के एसोसिएट एडीटर आशुतोष शुक्ल, वरिष्ठ समाचार संपादक जगदीश जोशी, पहल की नेशनल हेड पूजा सिंह ने समस्या के दुष्परिणामों और उसके निदान पर चर्चा की। दूसरे सत्र में यूनिसेफ के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अजीज फ्रूटान ने जहां बाल विवाह जैसी कुरीति की रिपोर्टिंग में आने वाली कठिनाइयों से निपटने के गुर बताए, वहीं यूनिसेफ के चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट आफताब मोहम्मद ने बताया कि पीडि़त को सामने लाए बिना मीडिया कैसे मामले को हैंडल करे।

तीसरे और आखिरी सत्र में हुए पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। आशुतोष शुक्ल ने कहा कि लड़कियों को शिक्षित और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर ही बाल विवाह पर रोक लगायी जा सकती है। पैनल डिस्कशन में डीजी अभियोजन डा. सूर्य कुमार शुक्ला, डीजी यूपी मानवाधिकार और महिला सम्मान प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुतापा सान्याल, लखनऊ के एसएसपी राजेश पांडेय, नेशनल पीजी कॉलेेज के प्रिंसिपल प्रो.एसपी सिंह, चाइल्ड लाइन के निदेशक अंशुमाली शर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित कांत श्रीवास्तव ने भाग लिया।

Posted By: Nawal Mishra