जेएनएन, लखनऊ। राज्य सरकार ने बीते दिनों प्रदेश की 1.39 करोड़ महिलाओं के संपर्क कर उनके सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का फीडबैक लिया। उज्ज्वला, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं ने महिलाओं की जिंदगी बदली है। जो महिलाएं लाभ से वंचित हैं, उन्हें भी जल्द ही योजनाओं में शामिल किया जाएगा।

820 ब्लॉकों में महिलाओं की फौज 

महिला सशक्तीकरण एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि महिलाओं को क्या लाभ मिला, वह योजनाओं से कितनी संतुष्ट हैं, यह जानने के लिए एक लाख 20 हजार महिलाओं की फौज को 820 ब्लॉकों में उतारा गया। उन्होंने लाभार्थियों के घर-घर जाकर 27 नवंबर से 15 दिसंबर तक सर्वे किया। इस दौरान महिलाओं से संबंधित सभी योजनाओं की उन्हें जानकारी भी दी गई। डॉ. जोशी ने बताया कि इस अभियान में बड़ी संख्या में आशा कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जुड़ीं।

महिला सशक्तीकरण की कुछ योजनाएं

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
  • किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए राजीव गांधी योजना
  • इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना
  • कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना
  • प्रधानमन्त्री उज्ज्वला योजना
  • स्वाधार घर योजना
  • महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार 

महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी

इससे पहले 9256 ग्राम संयोजिकाओं की नियुक्ति कर उनकी ट्रेनिंग कराई गई। उनके अधीन 109318 नारी सशक्तीकरण दूतों को प्रशिक्षित किया गया, जिन्होंने ब्लाकों में जाकर लाभान्वित होने वाली महिलाओं की जानकारियां जुटाई। 16 और 17 दिसंबर तक तीन से चार ग्राम पंचायतों के बीच शिविर लगाकर महिलाओं को स्वास्थ्यवर्धक दवाओं का वितरण कर उन्हें कई जानकारियां दी गईं। 18 दिसंबर को नारी सशक्तीकरण सम्मेलनों से अभियान का समापन हुआ। रीता जोशी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में महिलाओं को लेकर कोई योजना नहीं थी लेकिन, योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित कई योजनाओं का शुभारंभ किया है। इससे उत्तर प्रदेश में लिंगानुपात बेहतर हुआ है। सरकार ने किशोरी बालिका योजना भी शुरू की है, जिसमें 11 से 14 साल की बच्चियों को भी पुष्टाहार दिया जाएगा। 

 

Posted By: Nawal Mishra

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