लखनऊ (जेएनएन)। नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के संबंध में केंद्र सरकार ने जो भी फायदे गिनाए थे, उनमें से कोई भी अब तक पूरा नहीं हो सका। इसके लिए भाजपा सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की आर्थिक इमरजेंसी एक व्यक्ति की अपनी मनमानी व अहंकार का नतीजा थी। आज यह कटू सत्य भी देश व दुनिया के सामने प्रकट है। 

चहेतों के कालेधन को सफेद किया गया 

एक बयान जारी कर मायावती ने कहा कि अति-दुखदायी साबित होने वाली नोटबंदी एक तरह से आर्थिक इमरजेंसी थी। तथ्य व आंकड़े बता रहे हैं कि अपरिपक्व तरीके से आपाधापी में देश की जनता पर इसे थोपा गया। जहां एक तरफ इसने सर्वसमाज के तमाम मेहनतकश व ईमानदार लोगों की कमर तोड़ दी है और रोजगार का काफी ज्यादा बुरा हाल किया है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी एंड कंपनी के चहेतों ने इसी बहाने अपने-अपने कालेधन को बैंकों में जमा करके सफेद कर लिया है। यह सब जनता खुली आंखों से देख रही है। इतना ही नहीं बल्कि स्वयं बीजेपी ने भी पार्टी के तौर पर देशभर में अकूत सम्पत्ति अर्जित कर ली है, यह भी जनता की नजर में है।मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार जनहित व जनकल्याण का ऐसा कोई भी काम नहीं कर पायी है जिससे लोगों का जनजीवन थोड़ा बेहतर हुआ हो। इसके विपरीत सरकार की गरीब, मजदूर व किसान-विरोधी नीतियों, गलत कार्यप्रणाली व अहंकारी रवैये से समाज के हर वर्ग का जीवन पहले से कहीं ज्यादा त्रस्त व दुखी हुआ है। 

Posted By: Nawal Mishra