लखनऊ (जेएनएन)। विदेश यात्रा से लौटते ही समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमले तेज करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वïन किया है। गुरुवार को सपा मुख्यालय में सुबह से चहल-पहल थी। अखिलेश के आने की सूचना मिलने पर वरिष्ठ नेताओं के अलावा आम लोगों का आना-जाना लगा रहा। उत्साहित कार्यकर्ता नारेबाजी कर माहौल को गर्माने में लगे थे। अखिलेश ने पूर्व मंत्री आजम खां, रामगोविंद चौधरी, अहमद हसन, राजेंद्र चौधरी, नरेश उत्तम, एसआरएस यादव, नरेंद्र वर्मा, अबरार अहमद, शशांक यादव, उदयवीर सिंह व आनंद भदौरिया जैसे नेताओं से सियासी मसलों और संगठन की गतिविधियों पर चर्चा की।

अखिलेश ने सपा सरकार के कराए कार्यों का भाजपा द्वारा शिलान्यास और उद्घाटन कराने पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना को सपा सरकार ने शुरू किया था लेकिन भाजपा ने उद्घाटन का दोबारा उद्घाटन कर दिया। इसी तरह से गाजियाबाद की एलीवेटेड सड़क का भी फिर उद्घाटन किया गया। भाजपा समाजवाद शब्द से चिढ़ तो जताती है परंतु अपनी जनहित में कोई योजना लागू नहीं कर पायी है। सैमसंग को मोबाइल प्लांट लगाने की जमीन भी सपा सरकार में मिली थी।

सरकार की शिकायतें सुनी

विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अखिलेश से मिलकर अपनी शिकायतें दर्ज करायी। कानपुर से आए लोग जीएसटी की मार से परेशान थे तो बाराबंकी, उन्नाव और हरदोई के लोगों ने कानून व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति बयां की। अखिलेश ने जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष करने की बात कही। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी जनसरोकार के मुद्दों पर खामोश नहीं बैठेगी। साधु-संतों की टोली भी यादव से मिली। अधिवक्ताओं व डाक्टरों के प्रतिनिधिमंडल भी मिले।

Posted By: Nawal Mishra