यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मन की शांति के लिए परमात्मा से जुड़ें
-फोटो- रंगनाथ जी -प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रा

लखनऊ : यह मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं, यह मुश्किलों से कह दो मेरा खुदा बड़ा है.. इस पंक्ति के साथ प्रजापति ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय संस्था की ओर से आयोजित अध्यात्मिक कार्यक्रम का समापन हुआ। दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन 'अराजकता में शांति ' विषय पर दिल्ली से आए प्रो. मोहित गुप्ता ने अपना व्याख्यान दिया। इस आध्यात्मिक व्याख्यान में हर उम्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रविवार को गोमती नगर स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. मोहित ने अपने व्याख्यान में कहाकि मौजूदा समय में इंसान के पास हर चीज के लिए समय है, लेकिन परमात्मा के लिए समय नहीं है। अपने मन की शांति के लिए परमात्मा से जुड़ना होगा, फिर देखिए जिंदगी कितनी खुशगवार हो जाएगी। आज मनुष्य जितना अपने मोबाइल से जुड़ा है, उतना और किसी और चीज से नहीं जुड़ा है। जिस तरह आप मोबाइल को चार्ज करते हैं, उसी तरह मन की बैट्री को चार्ज करने की जरूरत है। कार्यक्रम के पहले दिन प्रो. मोहित ने 'हीलिंग द हीलर्स' कार्यक्रम में अपने व्याख्यान में डॉक्टर को तनाव से मुक्त कराने के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि पहले चिकित्सक और मरीज का संबंध देवता और भक्त की तरह होता था, लेकिन अब मरीज चिकित्सक की गिरेबान तक पकड़ रहा है। इसका कारण है कि डॉक्टरों में अब नैतिकता समाप्त हो रही है। स्वस्थ समाज का आरंभ स्वस्थ मन से होता है। मन का भोजन सकारात्मक संकल्प है। यूं कहें तो शुद्ध विचारों से मन को स्वस्थ रखा जा सकता है। चिकित्सक न सिर्फ अपने व्यक्तित्व को देखें बल्कि मरीज को दवा के साथ दुआएं भी दें। इससे डॉक्टर स्वयं भी मानसिक रूप से संतुष्ट महसूस करेंगे और रोगी को फायदा भी होगा। कार्यक्रम में डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि 'हीलिंग द हीलर्स' कार्यक्रम का आयोजन इंडियन मेडिकल एसोसिशन व प्रजापति ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस मौके पर संस्था की स्थानीय प्रभारी राधा दीदी, डॉ. अंजलि गुप्ता, इंदू रस्तोगी, डॉ. रमाकांत, एके सिंह, डॉ. योगेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
