जागरण संवाददाता, लखनऊ : नगर निगम के अंतर्गत आने वाली तीन पार्किंग को स्मार्ट बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। दयानिधान पार्क, झंडी पार्क और अमीनाबाद पार्क में खड़े लावारिस वाहनों को बाहर किया जाएगा। निजी कंपनी, नगर निगम की मदद से इसकी कवायद जल्द शुरू करेगी। यही नहीं तीनों पार्किंग में 500 से अधिक चार पहिया वाहन ऐसे हैं जो नियमित खड़े होते हैं। उसको लेकर भी जल्द नई नीति बनाई जाएगी। कुल मिलाकर आय बढ़ाने के लिए स्मार्ट पार्किंग के स्मार्ट सॉल्यूशन करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

स्मार्ट सिटी के तहत यह काम कागजों पर शुरू कर दिया गया है। अभी तक पार्किंग का काम संभाल रहे नगर निगम कर्मियों की मानें तो तीनों पार्किंग में ऐसे दर्जनों वाहन सालों से खड़े हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं है। स्थानीय पुलिस ने यह वाहन खड़े करवा रखे हैं। कुछ वाहन ऐसे हैं जिनके मालिक का पता नहीं। ऐसे वाहनों की रिपोर्ट तैयार करके अब संबंधित थानों में दी जाएगी और उन्हें लावारिस में दर्ज करवाकर बाहर किया जाएगा। उद्देश्य होगा कि अधिक से अधिक स्थान का उपयोग हो सके।

वर्तमान में तीनों पार्किंग की क्षमता दोगुना करने का उद्देश्य है। अमीनाबाद पार्किंग की डिमांड ज्यादा होने के कारण, यहां यह प्रयोग पहले किया जाएगा। इस पार्किंग में स्थानीय लोग भी सैकड़ों की संख्या में अपने वाहन खड़ा करते हैं, इनसे हर माह 1500 रुपये लिए जाते हैं। लेकिन इनमें कई ऐसे वाहन स्वामी हैं जो तीस-तीस दिन तक अपने वाहन पार्किंग से नहीं निकालते। इससे पार्किंग में वाहन कम खड़े हो पाते हैं। यानी अब नियमित वाहन न निकालने वालों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि अभी पार्किंग शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा।

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पार्किंग की क्षमता बढ़ाई जाएगी। अधिक से अधिक वाहन खड़े हो सकें, इसके लिए काम होगा। लावारिस वाहनों को बाहर किया जाएगा। इसके लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

पीके श्रीवास्तव, एडिशनल सीईओ, स्मार्ट सिटी।

By Jagran