लखनऊ [अजय श्रीवास्तव]। अब आपके घर के बाहर लगने वाली एक प्लेट कई काम वाली होगी। स्मार्ट एड्रेस वाली इस प्लेट में क्यू आर कोड भी होगा, जिसमे आपका हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स, बिजली का बिल समेत तमाम सर्विसेज जुड़ सकेंगी। खास यह होगा कि आपके भवन का विवरण के साथ ही घर के सामने की सड़क की चौड़ाई का भी जिक्र होगा। इसका फायदा यह होगा कि आगजनी व अन्य घटना में दमकल के उसी वाहन को लाया जा सकेगा, जो आपकी सड़क पर जा सके।  

नगर निगम ने उपग्रह से संपत्तियों का विवरण तैयार करने के बाद अब स्मार्ट एड्रेस वाली प्लेट को लगाने का निर्णय लिया है। कई कंपनियों से प्लेट की दरों का कोटेशन भी मांगा गया है। नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि ऑल वेदर स्मार्ट एड्रेस वाली प्लेट में क्यूआर कोड भी अपलोड होगा। जिसमे आप सर्विसेज को अपलोड कर सकेंगे। इसमें आप हाउस टैक्स, बिजली, पानी, सीवर के बिल को  देख सकेंगे। यह बिल भी अपडेट होते रहेंगे। आंध्र प्रदेश के कुछ शहरों के साथ ही भोपाल नगर निगम में भी स्मार्ट एड्रेस मददगार साबित हो रहा है। प्लेट में आपके घर का पता होने से आपकी लोकेशन भी आसान हो जाएगी। इसके अलावा घर के सामने की सड़क की चौड़ाई का जिक्र होने से कभी आगजनी की घटना में दमकल विभाग को यह पता चल जाएगा कि कितनी चौड़ी सड़क पर घटना हुई है और उसी साइज का ही वाहन आने से आसानी हो जाएगी। 

आईकार्ड की चिप पकड़ेगी कामचोरी 

स्मार्ट घड़ी फेल हो गई तो बॉयोमीट्रिक मशीन को भी नगर निगम ने फेल कर दिया था। अब नगर निगम नियर ïफील्ड कम्युनिकेशन चिप से फील्ड कर्मचारियों पर लगाम लगाएगा। नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन 'गोपाल' ने सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की जवाब-देही तय करने के निर्देश दिए थे। नगर आयुक्त डॉ.इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि नियर ïफील्ड कम्युनिकेशन चिप नई तकनीक है। इसमें फील्ड पर तैनात हर कर्मचारियों के आईकार्ड में एक चिप होगी और चिप में उसके क्षेत्र की लोकेशन दर्ज होगी। यह चिप घरों में भी लगाई जाएगी। लोकेशन पर पहुंचते ही पता चल जाएगा कि फलां कर्मचारी अपने निर्धारित क्षेत्र में पहुंच गया है। इससे उसकी उपस्थिति दर्ज हो सकेगी। इससे सफाई कर्मचारियों पर भी लगाम लग सकेगी। वहीं भवन कर का निर्धारण करने वाले निरीक्षक से लेकर जोनल अधिकारियों की ïफील्ड गतिविधि की हकीकत पता चल सकेगी। 

आज चौराहे पर जाम से निपटने पर होगा मंथन 

शहर के 86 चौराहे ऐसे हैं, जहां किसी न किसी कारण जाम लगा रहता है। अब पहले चरण में 46 चौराहों को जाम से राहत देने पर उच्च स्तर पर मंथन हो रहा है। मंगलवार को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन चौराहों को बेहतर बनाए जाने पर मंथन करेंगे। अर्बन ट्रांसपोर्ट  की तरफ से मंत्री के समर्थन चौराहों को जाम से राहत देने के प्लान का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। इसमें मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम, डीएम अभिषेक प्रकाश और नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी भी मौजूद रहेंगे।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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