लखनऊ, जेएनएन। रोजाना आप छह हजार कदम चलेंगे तो आपका दिल पूरी तरह फिट रहेगा। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट वॉक जरूर करें। थोड़ा तेज चलें, इससे हार्ट में कार्डियक रिजर्व बढ़ जाता है। सिर्फ वॉक करने से ही 25 प्रतिशत तक हृदय रोग होने की आशंका खत्म हो जाती है।

आज के दौर में स्मार्ट फोन ज्यादातर लोगों के पास है। ऐसे में हेल्थ एप के माध्यम से दिनभर में चले कदम गिन सकते हैं। यह जानकारी केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव चौधरी ने दी। वे गुरुवार को दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित हेलो डॉक्टर कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने पाठकों द्वारा हृदय रोग व ब्लड प्रेशर से संबंधित पूछे गए सवालों का जवाब दिया।

सवाल : मुझे तीन महीने पहले तक हाई ब्लड प्रेशर था। मैंने परहेज व साइकिलिंग आदि से इसे कंट्रोल कर लिया। अब दवा नहीं ले रहा। (एसपी वाष्र्णेय, ऐशबाग) 
जवाब : आपने अपनी दिनचर्या को पूरी तरह बदल लिया है। नमक भी कम कर दिया है। आप दवा छोड़ सकते हैं। अगर कोई दुविधा है तो डॉक्टर से सलाह लें। कई बार दवा छोडऩे पर बीपी बढ़ जाता है। 

सवाल : मेरा ब्लड प्रेशर 173/115 है। (बलदेव प्रसाद गुप्ता, गोला गोकर्णनाथ) 
जवाब : आप पांच ग्राम से कम नमक का प्रतिदिन सेवन करें। अचार न खाएं। तली-भुनी चीजों से परहेज करें। हरी सब्जी व मौसमी फलों का सेवन करें। हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। आपकी जो पहले दवा चल रही थी उसकी डोज बढ़ेगी। 

सवाल : जब मैं सुबह टहलकर आता हूं तो हाथ में सफेदपन हो जाता है और अंगुलियों में सूजन। (राम सिंह वर्मा, बाराबंकी) 

जवाब : हाथ की नसों का आपको डॉप्लर कराना होगा। ब्लड प्रेशर के कारण दिक्कत हो सकती है। हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। 

सवाल : मुझे 2016 में हार्ट अटैक हुआ था। क्या मैं कपालभाति कर सकता हूं? (डीसी श्रीवास्तव, महानगर) 
जवाब : आप योग कर सकते हैं, मगर यह ध्यान रखें कि इससे आपको सीने में दर्द नहीं होना चाहिए। ज्यादा वजन वाला सामान न उठाएं। प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे मॉर्निंग वॉक जरूर करें। 

सवाल : मुझे हाई ब्लड प्रेशर है। (राहुल आनंद, मटियारी) 
जवाब : नमक की मात्रा खाने में घटा दें। सलाद के ऊपर नमक न छिड़कें। तेल व चिकनाई वाली चीजों का सेवन कम करें। फास्ट फूड से बचें। 

सवाल : मेरे पति जब ट्रेन से यात्रा करते हैं तो पसीना बहता है और घबराहट होती है।(मंजू त्रिपाठी, गोमतीनगर) 
जवाब : घबराने की बात नहीं। यह हृदय रोग के कारण नहीं है। हीमोग्लोबिन और थायराइड की जांच करा लें। 

सवाल : मैं हृदय का रोगी हूं और पेसमेकर लगा है। चक्कर आता है। कमजोरी महसूस होती है। (कृष्ण प्रसाद, आलमबाग) 
जवाब : आपने कोई भारी सामान उठाया होगा या फिर नमक ज्यादा खा रहे होंगे। इससे परहेज करें और पेसमेकर को जाकर डॉक्टर से चेक कराएं। 

सवाल : मुझे चलने में सीने में दर्द होता है और कमजोरी महसूस होती है। (सीमा शर्मा, लालबाग) 
जवाब : यह एंजाइना का दर्द है। आमतौर पर हार्ट की पंपिंग कम होती है तो कमजोरी भी महसूस होती है। आप तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। 

सवाल : हृदय रोगी हूं। ठंड में परेशानी बढ़ जाती है। (प्रयाग दत्त शुक्ला, गोंडा) 
जवाब : सुबह आप देर से टहलने जाएं। कपड़े लेयर में पहनें और पूरा शरीर कवर कर लें। खांसी व बुखार होने पर बचें। स्वाइन फ्लू से ज्यादा खतरा है। आप वैक्सीन जरूर लगवा लें। 

सवाल : मेरी एंजियोप्लॉस्टी हो चुकी है। मैं सीने को दबाता हूं तो दर्द होता है। (बाल गोविंद द्विवेदी, अमेठी) 
जवाब : अगर चलने-फिरने से सीने में दर्द नहीं हो रहा है तो डरने वाली बात नहीं है। यह मांसपेशियों में दर्द के कारण होगा। 

सवाल : मैं तेज चलता हूं तो सीने में दर्द होता है। (नसीम अहमद, कैंट) 
जवाब : यह एंजाइना का दर्द है। आप हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाएं और तुरंत ट्रेडमील टेस्ट कराएं। 

सवाल : मुझे उलझन व बेचैनी होती है। हीमोग्लोबिन, थायराइड व ईसीजी की जांच नॉर्मल आई है। (अंबरीश कुमार सोनी, गोंडा) 
जवाब : आप अपनी इको जांच करा लें। अगर यह भी नार्मल है तो आप किसी मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाएं। 

सवाल : मेरी उम्र 62 वर्ष है और पिछले 20 साल से हाई ब्लड प्रेशर का रोगी हूं। चलने पर बहुत थक जाता हूं (राम किशोर रस्तोगी, राजाजीपुरम) 
जवाब : आप अपनी सीटी एंजियोग्राफी की जांच करा लें। खान-पान में परहेज करें और लाइफ स्टाइल बदलें। 

सवाल : मुझे सीने में दर्द होता है। सीढिय़ां चढ़ता हूं तो दिल धक-धक करता है। (महेश पाठक, बाराबंकी)
जवाब : आपके हार्ट की पंपिंग कम हो गई है। आप ईसीजी व ईको जांच कराएं। 

हृदय रोग के ये हैं कारण  
अनियमित दिनचर्या, भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ता तनाव, सुबह या शाम को वॉक पर न जाना, तली-भुनी चीजों का ज्यादा सेवन, पर्याप्त नींद न लेना, मीठे का सेवन करना, धूम्रपान व शराब का सेवन करना। 

ये लक्षण हों तो हो जाएं सतर्क 
सीने में दर्द, शरीर में भारीपन, पसीना आना, घबराहट होना और कमजोरी महसूस होना। 

ऐसे करें बचाव

  • हाई ब्लड प्रेशर है तो ठंड में अत्याधिक शारीरिक श्रम करने से बचें
  • ठंड से बचें और कपड़े लेयर में पहनें। जैसे एक मोटा स्वेटर पहनने के बजाय पहले इनर, फिर शर्ट, उसके ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनें। इससे ठंड का सीधा असर नहीं पड़ेगा। 
  • वॉक करके लौटें तो गुनगुना पानी पीयें। अभी ठंड का असर कम नहीं हुआ है। 
  • सात घंटे की नींद जरूर लें
  • अपने वजन को नियंत्रित करें
  • ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच कराएं 

हृदय रोगी फ्लू की वैक्सीन जरूर लगवाएं 
हृदय रोगियों को चाहिए कि वे फ्लू की वैक्सीन जरूर लगवा लें। क्योंकि फ्लू होने से हार्ट की पंपिंग कम हो जाती है और हार्ट फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। स्वाइन फ्लू हृदय रोगियों में होने की आशंका अधिक होती है। 

35 साल के बाद अचानक भारी वजन उठाना और कसरत करना खतरनाक
डॉ. गौरव चौधरी कहते हैं कि ऐसे लोग जो आमतौर पर कसरत नहीं करते हैं। वे 35 से 40 साल की उम्र में अचानक अपनी बॉडी बनाने के लिए वेट लिफ्टिंग करने लगते हैं। कई ऐसे मरीज सामने आए हैं, जिन्हें ऐसा करने पर हार्ट अटैक हुआ। ऐसा न करें। 

जले तेल का बार-बार न करें इस्तेमाल 
खाने में कौन सा तेल इस्तेमाल करें इसे लेकर काफी भ्रांतियां हैं। तेल सभी ठीक हैं। आप सरसों के तेल का भी आराम से सेवन कर सकते हैं। बस बार-बार इस्तेमाल तेल से बना खाना न खाएं। ऐसा करने पर ट्रांस फैटी एसिड बढ़ जाता है। यह बैड कैलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और गुड कैलेस्ट्रॉल को घटा देता है। 

 घर पर बीपी नापना सबसे अच्छा 
आप अगर ब्लड प्रेशर (बीपी) नापने की मशीन खरीद सकते हैं तो फिर घर पर ही इसे नाप लें। होम ब्लड प्रेशर मॉनीटङ्क्षरग सबसे अच्छी है। विदेशों में यही होता है। आप सात दिन सुबह-शाम रीडिंग लें। पहले के दो दिन हटा दें और बाकी पांच दिन की रीडिंग लेकर डॉक्टर को दिखाएं। अगर हाई ब्लड प्रेशर 130 है और लो ब्लड प्रेशर 80 है तो यह सबसे अच्छा होता है। कई मरीज डॉक्टर को देखकर घबरा जाते हैं तो ऐसे में व्हाइट कोट हाईपरटेंशन नहीं होता। 

एंजियोप्लास्टी हुई है तो रोजाना खाएं दवा
अगर आपके हार्ट की एंजियोप्लास्टी हुई है तो दवा खाना न भूलें। आप अगर ऐसा करते हैं तो दोबारा हार्ट अटैक की आशंका 90 प्रतिशत तक कम हो जाती है। दवाएं जीवन पर्यंत चलेंगी। यह डॉक्टर को ही तय करने दें। वे अपने हिसाब से दवा की डोज घटा सकते हैं। 

कम उम्र में भी हो रहा हार्ट अटैक 
बदली जीवन शैली में लोगों को कम उम्र में भी हार्ट अटैक हो रहा है। 30 साल की उम्र में भी यह हो रहा है। इसका मुख्य कारण तनाव, धूम्रपान, शराब का सेवन करना या फिर माता-पिता में हृदय रोग होना है। ऐसे लोग जिनके घर में माता-पिता को हृदय रोग है, वह 20 साल की उम्र में ही बीपी, शुगर और लिपिड प्रोफाइल जरूर चेक करा लें।

Posted By: Anurag Gupta

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